राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सम्मेलन में शामिल होने के लिए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के दिल्ली पहुंचने के मद्देनजर प्रमुख मार्गों, संवेदनशील इलाकों और आयोजन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली के अलग-अलग सेक्टर और जोन में करीब 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां भी सुरक्षा में लगाई गई हैं।
शहर के विभिन्न हिस्सों में बैरिकेडिंग कर आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान आईजीआई एयरपोर्ट से शांति पथ तक के महत्वपूर्ण मार्गों की निगरानी के लिए दिल्ली पुलिस ने 700 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पांच कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इनमें तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में बनाया गया विशेष सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी शामिल है, जहां से करीब 500 कैमरों की लाइव फीड पर नजर रखी जा रही है।

सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख रास्तों पर विशेष सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं। पुलिसकर्मियों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात कर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
