@ नई दिल्ली :-
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत और चीन को राहत देते हुए रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित कुछ अतिरिक्त शुल्कों और प्रतिबंधों के लागू होने से फिलहाल छूट देने का फैसला किया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय अमरीका के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 सितंबर को संबंधित कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा, रूस से आयात होने वाले सामान पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाए जाने की व्यवस्था भी शामिल थी।
हालांकि, ट्रंप ने फिलहाल कुछ शुल्कों को लागू करने से छूट दे दी है। यह राहत तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री आगे की कार्रवाई के संबंध में कोई निर्णय नहीं लेते।
इस घटनाक्रम के बीच अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा भी प्रस्तावित है। उनके 20 अक्टूबर को मुंबई में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करने की संभावना है। इसके बाद रुबियो के गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी परिसर का दौरा करने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब रूस और अमरीका के बीच डीजल की आपूर्ति को लेकर समझौते की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, नवंबर में होने वाले अमरीकी मध्यावधि चुनावों से पहले देश में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शुल्कों में यह अस्थायी राहत भारत-अमरीका संबंधों और वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए अहम साबित हो सकती है। हालांकि, आगे की नीति राष्ट्रपति और अमरीकी प्रशासन के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगी।
