@ नई दिल्ली :-
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइज़ुमी ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम-प्लस) के दौरान मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

दोनों रक्षा मंत्रियों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा प्रौद्योगिकी और सैन्य सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति का स्वागत किया। चर्चा में समुद्री बारूदी सुरंगों का मुकाबला करने की क्षमताओं को बढ़ाने तथा जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमताओं का उपयोग करते हुए नौसैनिक पोतों के डिजाइन एवं निर्माण में संयुक्त विकास की संभावनाओं पर जोर दिया गया।
भारत और जापान के बीच वायुसेना सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। भारत-जापान संयुक्त वायुसेना अभ्यास ‘वीर गार्डियन 26’ के दौरान जापान के लड़ाकू विमानों की भारत की पहली यात्रा को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। इसके अतिरिक्त, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित भारत-जापान रक्षा उद्योग मंच में दोनों देशों की लगभग 40 कंपनियों ने भाग लिया।
बैठक में दोनों पक्षों ने इस वर्ष के उत्तरार्ध में टोक्यो में चौथी भारत-जापान विदेश एवं रक्षा मंत्री स्तरीय वार्ता (2+2) और रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित करने की दिशा में प्रयास तेज करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि दोनों देशों ने विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के नए अवसरों पर विचार किया। उन्होंने स्वतंत्र, मुक्त और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताया।
