@ पुणे महाराष्ट्र :-
पुणे के शहरी परिवहन नेटवर्क को मजबूती देने वाली मेट्रो लाइन-3 (पिंक लाइन) अपनी दो खास विशेषताओं के कारण चर्चा में है। इस 23.2 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों की टीम करेगी, जबकि मेट्रो की कुल बिजली जरूरत का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना के उद्घाटन की निर्धारित योजना के बीच राजनीतिक और कारोबारी जगत के लोगों ने इसकी सराहना की है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इसे महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर हिंजवड़ी आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगा, जिससे हजारों आईटी पेशेवरों, छात्रों और अन्य यात्रियों को तेज एवं सुविधाजनक आवागमन का विकल्प मिलेगा। भाजपा बिहार अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी इसे महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे के विकास में अहम उपलब्धि बताया।
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने देश में सड़क, पुल, मेट्रो और रेलवे नेटवर्क के विस्तार की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की।
पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा विकसित इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर बन रहे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में 23 स्टेशन होंगे। इसके शुरू होने से हिंजवड़ी आईटी पार्क तक कनेक्टिविटी बेहतर होने और सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
