@ हरि सिंह रावत उत्तराखंड
संघर्ष व मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उत्तराखंड जिला पौड़ी गढ़वाल के ग्राम कांडा मल्ला सुरवीर सिंह रावत के पौत्र उत्कर्ष रावत ने सीए बनकर यह साबित कर दिया है, साथ ही अपनी मां पिताजी की मेहनत को भी साकार करने का काम किया है। बेटे की सफलता पर मां और पिता दिनेश रावत भी खुशी से सराबोर हैं!

प्रजा टुडे ने उत्कर्ष रावत के पिता से उसकी सफलता को लेकर बातचीत की तो उन्होंने बेटे उत्कर्ष रावत के संघर्ष व मां की मेहनत का दर्द साझा किया। साथ साथ उन्होंने इसका पूर्ण श्रेय अपने ही गांव के अपने चाचा जी के बेटे छोटे भाई अजीत रावत उर्फ बाबू को दिया उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे अजीत रावत उर्फ बाबू का बहुत बड़ा योगदान है और मैं दिल की गहराइयों से उनका धन्यवाद करता हूं चाहे उत्कर्ष रावत की फीस जमा करने से लेकर और उसकी प्रेक्टिस को लेकर भी अजीत रावत मेरे छोटे भाई ने हमारी काफी मदद की उन्होंने बताया कि आज अजीत रावत अपने छोटे भाई में मैं उनके पिताजी प्रहलाद सिंह रावत यानी अपने चाचा जी की झलक देखता हु वह भी इसी प्रकार लोगों की मदद किया करते थे!
वहीं उनकी सफलता पर परिजनों की खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा। उधर रिश्तेदार भी फोन पर बधाई दे रहे हैं। साथ ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के ग्राम कांडा मल्ला में पहले सी ए बनकर बेहद खुश हैं उत्कर्ष रावत
पौड़ी के कांडा मल्ला गांव में पहले CA बनने पर उत्कर्ष रावत बेहद खुश हैं। उन्हें इस बात का अंदाजा अपनी तैयारी से ही था, क्योंकि उन्होंने मॉक टेस्ट रिवीजन में अपनी कमियों को चिह्नित कर उसे दूर कर लिया था। आठ से 10 घंटे की प्रतिदिन की पढ़ाई ने उन्हें लक्ष्य प्राप्ति में मदद की।
सीए बनने की मन में आई थी बात
उत्कर्ष रावत बताते हैं कि पहले उनका लक्ष्य कुछ और था लेकिन, बाद में सीए बनने की बात मन में आई। इसके लिए पहले उन्होंने अपने दोस्तों व कुछ वरिष्ठ लोगों से सलाह लेकर तैयारी शुरू कर दी। चरणबद्ध तरीके से सभी परीक्षाएं पास कीं।
ऐसे हासिल की सफलता
इसके लिए कुछ विषयों में कोचिंग की सहायता ली और कुछ विषयों की तैयारी स्वयं से की। साढ़े पांच माह स्टडी लीव के दौरान उन्होंने अपनी परीक्षा के लिए तैयारी की और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी कमियों की पहचान की। इसे रिविजन के माध्यम से दूर किया और सफलता हासिल की।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद सभी दिन बहुत मुश्किल से बीते हैं। क्योंकि हर दिन इसी परीक्षा के सपने आते थे। लेकिन अब वह सपना पूरा हो गया है, जिसके लिए उन्होंने लक्ष्य बनाया था।
उत्कर्ष रावत के दादा जी इंडियन एयरलाइन से सेवानिवृत है
उत्कर्ष रावत के दादा जी इंडियन एयरलाइन से सेवानिवृत है और पिता एक निजी कंपनी में कार्य करते हैं। जबकि एक भाई अभी पड़ रहा है। उनकी माता गृहणी हैं। उत्कर्ष रावत ने इस परीक्षा की तैयारी करने वालों को सलाह दी है कि घबराए नहीं बस तैयारी करें और लक्ष्य हासिल करें।
