@ चंडीगढ़ हरियाणा
केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने देश में विद्युत वितरण कंपनियों और विद्युत विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। यह पाया गया कि इन शहरों में बिजली की मांग सालाना 8-10% की तीव्र गति से बढ़ रही है।
बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और इन दोनों शहरों में उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री के कुशल मार्गदर्शन में, विद्युत मंत्रालय ने आयोजित अपनी अंतर-मंत्रालयी निगरानी समिति की बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों में विद्युत वितरण अवसंरचना के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए 3,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। ये परियोजनाएं भारत सरकार की प्रमुख योजना, पुनर्विकसित वितरण क्षेत्र योजना के अंतर्गत कार्यान्वित की जायेंगी।
इन परियोजनाओं से गुरुग्राम जिले के मानेसर और बादशाहपुर तथा फरीदाबाद जिले के ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
इस परियोजना में नवीनतम तकनीक के साथ लगभग 500 फीडरों के लिए कार्य शामिल हैं, जिसमें 20 नए गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन स्थापित करना (फरीदाबाद में 12 और गुरुग्राम में 8); 3,500 किलोमीटर भूमिगत केबलिंग, लगभग 5,000 नए वितरण ट्रांसफार्मर/कॉम्पैक्ट सबस्टेशन चालू करना तथा 486 फीडरों को 821 फीडरों में विभाजित करना शामिल है। इसके अलावा, नेटवर्क को स्वचालित बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है, जो तुरंत खराबी का पता लगाने और बिजली की बहाली करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इन कार्यों के कार्यान्वयन से इन शहरों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में काफी सुधार होगा। वितरण अवसंरचना को स्वचालित बनाने और आधुनिकीकरण से न केवल फरीदाबाद और गुरुग्राम भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे; भूमिगत केबल बिछाने का कार्य, विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा और समग्र सौंदर्यीकरण में भी सुधार करने में मदद करेगा।

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