@ पटना बिहार
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सूबे में स्वास्थ्य सुविधा को और बेहतर बनाने हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना स्थित इन्दिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के अंतर्गत निर्माणाधीन सुपरस्पेशियलिटी नेत्र अस्पताल (चक्षु अस्पताल) के निरीक्षण के दौरान कहा कि इस विशिष्ट अस्पताल के बचे हुए कार्यों का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें। इसके निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद आंख से संबंधित रोगों का विशिष्ट तरीके से इलाज होगा, जिससे मरीजों को काफी सहूलियत होगी।

नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यवासियों को इस अस्पताल के रूप में आंख के रोगों के बेहतर इलाज के लिए एक और विकल्प मिलेगा। विदित हो कि 188 करोड़ रुपये की लागत से 154 बेड का यह चक्षु अस्पताल अपने आप में विशिष्ट होगा। यह अस्पताल जी प्लस थ्री होगा। यहां कार्निया एंड रिफ्रेक्टिव, ग्लूकोमा, रेटिना एवं यूबिया के इलाज की बेहतर सुविधा होगी। यहां पेडिएट्रिक एवं न्यूरो ऑपथैल्मोलॉजी की भी बेहतर चिकित्सा हो सकेगी। इस चक्षु अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह उत्तर-पूर्व भारत के सरकारी क्षेत्र का सबसे बड़ा चक्षु अस्पताल होगा।

उप मुख्यमंत्री-सह-वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने आज अपने सरकारी आवास पर “सहयोग कार्यक्रम” के माध्यम से बिहार के कोने-कोने से आए आमजनों की समस्याएं सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान हेतु शीघ्र ही उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सभाकक्ष में खेल विभाग द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। खेल विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने जानकारी देते हुए कहा कि बिहार राज्य में शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रबंधन और खेल प्रशिक्षण के क्षेत्र में खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ हीं खेलों के लिए उच्चस्तरीय शोध प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में कार्य करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ‘बिहार खेल विश्वविद्यालय’ के स्थापना की स्वीकृति दी गयी है।

नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन की अध्यक्षता में BUIDCO की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नमामि गंगे, वॉटर सप्लाई, सीवरेज प्रणाली समेत कई अन्य प्रोजेक्ट पर चर्चा की गयी। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कार्य की मॉनिटरिंग, टाइमलाइन और गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिये।

सूबे में यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुंधाशु कुमार ने कहा कि गृह विभाग के अंतर्गत बिहार पुलिस मुख्यालय के द्वारा कुल 10,332 पदों की स्वीकृति दी गयी है। पूर्व से 12 जिलों में स्वीकृत यातायात बलों के अलावे प्रदेश के अन्य 28 जिलों में यातायात थानों हेतु 4,215 और हाईवे पेट्रोलिंग योजना के कुल 1,560 यातायात बलों की स्वीकृति मिली है। BPR&D नॉर्म्स 2015 के अनुसार पटना जिले में 1,807 अतिरिक्त यातायात बलों की भी स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर यातायात बलों की उपलब्धता के आधार पर विभिन्न जिलों में यातायात बल उपलब्ध कराये जा रहे हैं। सिपाही भर्ती की परीक्षा संपन्न हो जाने के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वीकृत बलों की पूर्ति की जाएगी।

पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत 123 दिव्यांगजन को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल तथा मिशन वात्सल्य योजना के तहत 160 नए लाभार्थियों को स्पॉन्सरशिप योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। इस वित्तीय वर्ष में इन योजनाओं में अभी तक क्रमशः 1,603 तथा 508 लाभार्थियों को जोड़ा गया है। पटना जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है।

कैमूर के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से जुड़े योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये।

नालंदा के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में जिला जनता दरबार का आयोजन हुआ। उन्होंने जनता दरबार में प्राप्त कुल 21 मामलों पर सुनवाई कर समाधान के निर्देश दिये।