@ नई दिल्ली :-
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारत टैक्सी के सारथियों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो श्रम कर रहा है, उसे ही मुनाफा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य टैक्सी के मालिक को धनी बनाना है और सारथी ही मालिक हैं। शाह ने कहा कि सारथी भारत टैक्सी के मालिक हैं और मुनाफे में भी उनका हिस्सा होगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में देश के प्रत्येक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में ‘भारत टैक्सी’ होगी।

अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव्स को मिलाकर खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अब जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ती जाएगी और जो भी सारथी इसमें पार्टनर बनना चाहेगा उसे 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक मिल जाएगा। शाह ने कहा कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब इसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए भी आरक्षित रखे जाएंगे। जब सारथी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आ जाएंगे तब वे स्वयं अन्य सारथियों के सभी हितों की रक्षा और चिंता करेंगे।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी की तरह बड़ा मुनाफा कमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य हमारे सारथी भाइयों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के शेयर सारथियों के पास हैं और मालिक भी सारथी ही हैं, इसीलिए भारत टैक्सी की नीतियां भी सारथी ही बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी सारथियों की अपनी कंपनी है और इसमें सहकार करना ही हमारा सिद्धांत होना चाहिए। भारत टैक्सी सारथियों की क्षमता का दोहन करेगी न कि उनका शोषण करेगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से बीस प्रतिशत भारत टैक्सी के अकाउंट में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा हो जाएगा और अस्सी प्रतिशत पैसा टैक्सी कितने किलोमीटर चली है, उसके अनुसार वापस सारथियों के खाते में जाएगा। शाह ने कहा कि शुरूआती 3 साल भारत टैक्सी के विस्तार में जाएंगे और उसके बाद जितना भी मुनाफा होगा, उसका बीस प्रतिशत भारत टैक्सी में रहेगा और अस्सी प्रतिशत सारथी भाइयों को वापस दे दिया जाएगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी की शुरूआत एक बड़ा कोऑपरेटिव आंदोलन है। उन्होंने कहा कि इसके तहत भारत टैक्सी सारथियों की टैक्सी को मॉर्गेज (Mortgage) करेगी और भारत टैक्सी ही उन्हें कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से कर्ज दिलाएगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी में कुछ भी छिपा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सारथियों को हर जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराकर ‘भारत टैक्सी’ दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी। भारत टैक्सी में सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी पर किलोमीटर की दर की एक बेस लाइन बनाकर काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में ऑटो के मूल्य, पेट्रोल की खपत और मिनिमम मुनाफे को मिलाकर एक बेस रेट होगा और इससे नीचे यह ऑपरेट नहीं करेगी। शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का लक्ष्य मुनाफा कमाना नहीं है क्योंकि सारथी ही इस कोऑपरेटिव का मालिक है।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी में सारथी दीदी की कल्पना की गई है। भारत टैक्सी’ की ‘सारथी दीदी’ सुविधा, महिला सारथियों को स्वावलंबी बनाएगी और महिला यात्रियों व सारथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भारत टैक्सी ऐप में सारथी दीदी के नाम से प्रावधान किए जाएंगे कि जब भी अकेली महिला यात्री होगी, तो वह स्वाभाविक रूप से सारथी दीदी को प्राथमिकता देगी।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की वेबसाइट पर सारथियों की तकलीफों के लिए एक विंडो खोली जाएगी जिस पर मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर वे अपनी सारी समस्याएं बता सकेंगे और उनके आधार पर हम नीति को संशोधित कर सकेंगे। जिस प्रकार भारत टैक्सी सारथियों की समस्याओं का निवारण करेगी, उसी प्रकार बाकी टैक्सी कंपनियों को भी यह करना पड़ेगा। शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का लक्ष्य ग्राहक को खुश करने के साथ-साथ सारथी का भी कल्याण करना होना चाहिए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सारथियों को अपने आप को कभी ड्राइवर नहीं कहना चाहिए बल्कि गर्व के साथ स्वयं को सारथी कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्मान के साथ इस भाव को सारथियों के मन में लाना ही भारत टैक्सी की जिम्मेदारी है। भारत टैक्सी सुधार की सभी संभावनाओं को तलाशेगी और आगे बढ़ने पर हर समस्या का समाधान भी हो जाएगा। शाह ने यह भी कहा कि समाज में सारथी को देखने का नजरिया किस प्रकार बदले, यह सारथियों की भी ज़िम्मेदारी होनी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि टैक्सी क्षेत्र में जो समस्याएं हैं उनका निवारण एक पद्धति विकसित करने से ही आ सकता है। उन्होंने कहा कि अभी जो कंपनियां अस्तित्व में हैं, उनका उद्देश्य सारथियों का कल्याण नहीं है। शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य सारथियों का कल्याण भी है और ग्राहक के साथ अच्छा व्यवहार करना भी है। उन्होंने कहा कि सारथियों के साथ संवाद और उनकी तकलीफें सुनने का भारत टैक्सी का कार्यक्रम निरंतर चलता रहेगा और सारथियों के साथ ऑनलाइन, फिजिकल और कॉल सेंटर के माध्यम से संवाद जारी होगा।
