@ नई दिल्ली :-
भारतीय नौसेना के प्रमुख नेवल इनोवेशन और इंडिजिनाइजेशन सेमिनार ‘स्वावलंबन 2026’ का आयोजन 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य भारत की तकनीकी प्रतिभा को नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं से जोड़ना और स्वदेशी नवाचारों को व्यावहारिक समुद्री क्षमताओं में बदलना है।
स्वावलंबन के पांचवें संस्करण की तैयारियों के बीच नौसेना ने मीडिया, रक्षा उद्योग, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। नौसेना के अनुसार, पिछले चार संस्करणों में मीडिया के सहयोग ने इस पहल को देशभर में व्यापक पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया है।

भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) और डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन (DIO) के सहयोग से आयोजित यह पहल देश में स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
पिछले संस्करणों के मुकाबले बढ़ा स्वावलंबन का दायरा
स्वावलंबन के पहले संस्करण में करीब 800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग 3,000 तक पहुंच गई। इस वर्ष 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाने की उम्मीद है, जिससे रक्षा क्षेत्र में नवाचार और उद्योग की भागीदारी को और विस्तार मिलेगा।
इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (iDEX) ढांचे के तहत भारतीय नवप्रवर्तकों से 4,000 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें करीब 150 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) और स्टार्टअप्स शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए आवश्यकता की स्वीकृति दी गई है, जबकि 1,900 करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंध संपन्न हो चुके हैं।

अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों पर रहेगा जोर
स्वावलंबन के तहत केवल नवाचारों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि जटिल रक्षा तकनीकों के स्वदेशी विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इनमें क्वांटम पोजिशनिंग सिस्टम, हाई-पावर माइक्रोवेव आधारित निर्देशित ऊर्जा प्रणाली, एक्स्ट्रा-लार्ज ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल और फिक्स्ड-विंग हवाई प्लेटफॉर्म के लिए स्वदेशी रैमजेट इंजन जैसी तकनीकें शामिल हैं।
नौसेना के अनुसार, मानव रहित प्रणालियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उन्नत सेंसर और नेटवर्किंग क्षमताओं के बढ़ते इस्तेमाल से समुद्री युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने वाली तकनीकों का समयबद्ध विकास, एकीकरण और तैनाती बेहद जरूरी है।
स्पीड और स्पाइरल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान
स्वावलंबन 2026 में नवाचार से परिचालन क्षमता तक पहुंचने की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए दो प्रमुख पहलुओं—स्पीड और स्पाइरल डेवलपमेंट—को महत्वपूर्ण बताया गया है।
स्पीड का उद्देश्य अच्छे विचारों और प्रोटोटाइप को परीक्षण, उत्पादन तथा परिचालन तैनाती तक तेजी से पहुंचाना है। वहीं, स्पाइरल डेवलपमेंट के तहत उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया, परीक्षणों से मिले अनुभव और नई तकनीकी प्रगति के आधार पर प्रणालियों में लगातार सुधार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
नौसेना, रक्षा उद्योग और नवप्रवर्तकों के बीच निरंतर सहयोग को इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है। स्केल, सोफिस्टिकेशन, स्पीड और स्पाइरल डेवलपमेंट को इस पहल के चार प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में रेखांकित किया गया है।
साइबर सुरक्षा और सप्लाई चेन की चुनौतियों पर भी चर्चा
दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रदर्शनी और विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय नौसेना, तीनों सेनाओं और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को नवप्रवर्तकों, उद्योग जगत, शिक्षाविदों और निवेशकों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।
चर्चाओं में साइबर सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला की कमजोरियों और नवाचारों को आगे बढ़ाने में आने वाली बाधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उपयोगी तकनीकों को परिचालन तैनाती के करीब लाना और भारतीय उद्योग की डिजाइन, विनिर्माण, रखरखाव तथा उन्नयन संबंधी क्षमताओं को विकसित करना है।
घरेलू उद्योग और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
नौसेना ने उद्योग और अकादमिक संस्थानों से परिचालन जरूरतों पर आधारित नए समाधान प्रस्तुत करने का आह्वान किया है। साथ ही, मजबूत इंजीनियरिंग, विश्वसनीय आपूर्ति और दीर्घकालिक रखरखाव की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया है।
मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया है कि नवाचारों के पीछे काम कर रहे लोगों, उद्यमों और उनकी तकनीकी यात्रा को सामने लाने से अधिक युवा प्रतिभाओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को रक्षा नवाचार के क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
स्वावलंबन 2026 के माध्यम से भारतीय नौसेना का लक्ष्य देश की स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना, रक्षा उद्योग के साथ साझेदारी बढ़ाना और भारतीय नवाचारों को विश्वसनीय समुद्री शक्ति में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना है।
स्वावलंबन 2026 का आयोजन 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में होगा।
जय हिंद।

Hi there colleagues, how is all, and what you want to say about this piece of writing, in my view its truly amazing designed for me.
I’m gone to say to my little brother, that he should also pay a quick
visit this web site on regular basis to take updated from most up-to-date news update.