भारतीय नौसेना ने IOS सागर पहल से हिंद महासागर देशों संग बढ़ाई साझेदारी

@ नई दिल्ली :-

हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, इंडियन ओशन शिप (IOS) सागर की 16 मार्च 2026 को शुरूआत हुई। यह IOS सागर पहल का दूसरा आयोजन है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/(5)IOSSAGAR2026-GpPhotoO2N7.jpg

फरवरी 2026 में भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर नौसेना सिम्पोजियम (आईओएनएस) की अध्यक्षता ग्रहण की थी। इसलिए, इस आयोजन में हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर ) के 16 आईओएनएस देशों की भागीदारी शामिल है।

यह पहल भारत के दीर्घकालिक सामुद्रिक सहयोग के प्रयासों पर आधारित है और क्षेत्र में सभी के लिए सरकार के सुरक्षा और विकास (सागर) के संबंध में दृष्टिकोण को दर्शाती है, साथ ही यह पूरे क्षेत्र में महासागर यानी  पारस्परिक और समग्र क्षेत्रीय सुरक्षा विकासके व्यापक कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाती है।

IOS सागर एक अद्वितीय संचालन सहभागिता कार्यक्रम है जो विदेशी मित्र देशों के नौसैनिकों को भारतीय नौसेना के जहाज पर एक साथ प्रशिक्षण और नौकायन करने में सक्षम बनाता है। जहाज पर होने वाली गतिविधियों और व्यावसायिक प्रशिक्षण मॉड्यूल में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को शामिल करके, यह पहल व्यावहारिक सहयोग, अंतरसंचालनीयता और सामुद्रिक संचालन की साझा समझ को बढ़ावा देती है।

IOS सागर के वर्तमान आयोजन के हिस्से के रूप में, 16 विदेशी मित्र देशों के नौसैनिक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

कार्यक्रम का प्रारंभ कोच्चि में स्थित भारतीय नौसेना प्रशिक्षण केंद्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्रों के साथ होगा, जहां प्रतिभागियों को नौसेना संचालन, समुद्री कौशल और सामुद्रिक सुरक्षा से जुड़ी अवधारणाओं के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। इस चरण के बाद, प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के जहाज पर तैनात किया जाएगा, जहां वे भारतीय नौसेना कर्मियों के साथ मिलकर समुद्री यात्रा करेंगे और समुद्र में संचालनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/(3)FilePhotosfromPreviousIOSSAGARMission4CSI.JPG

यात्रा के दौरान, जहाज सामुद्रिक  गतिविधियों और बंदरगाह के दौरे में भाग लेगा, जिससे क्षेत्र भर में सहयोगी नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य पेशेवर संबंधों को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और साझा सामुद्रिक चुनौतियों की एक गहरी समझ को विकसित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...