भगवान जगन्नाथ की बड़ी आंखें उनके ज्ञान की विशालता को दर्शाती हैं और यह भी दर्शाती है : कमल भास्कार

@ सिद्धार्थ पाण्डेय /चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम ) झारखंड

रविवार को गुआ में भगवान् जगन्नाथ रथयात्रा श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भगवान् जगन्नाथ,भगवान् बलभद्र ,देवी सुभद्रा एवं सुदर्शन जी के दर्शन के लिए जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। प्रातः काल मे चतुर्द्धा मूरत के नेत्रोत्सव मनाया गया जिसके बाद श्रद्धालू नव योवन् वेश में सुसज्जित भगवान् जगन्नाथ के दर्शन किए ।

मंगल आरती,अवकाश नीति,हवन पूजा,भोग महाप्रसाद लागी,पहंडी बिजे,छेरा पंहरा नीति आदि रस्मों के बाद सुदर्शन सह तीनो विग्रह को रथारुढ कराया गया ।गुआ सेल माइंस सीजीएम् कमल भास्कार द्वारा रथ के चारों ओर झाडू लगाकर छेरा पंहरा नीति संपन्न कराया गया। नगर कीर्तन के साथ महिला व पुरुष श्रद्धालू सामूहिक रूप से रथ को खींचते हुए विवेक नगर स्थित मौसीबाड़ी तक रथ को ले गए ।

जहाँ नौ दिन रहने के पश्चात पुनः रथ को वापस श्री मंदिर लाया जायगा ।गुआ सेल माइंस सीजीएम् कमल भास्कार ने कहा कि भगवान की बडी -बडी आंखें भक्तों पर भगवान की शाश्वत निगरानी का प्रतीक हैं । जो शुद्ध हृदय वाले लोगों को सुरक्षा, मार्गदर्शन और सांत्वना प्रदान करते हैं और हमेशा उन लोगों पर नज़र रखते हैं । भगवान जगन्नाथ की बड़ी आंखें उनके ज्ञान की विशालता को दर्शाती हैं और यह भी दर्शाती हैं ।

“हो भोकोते ” व जय जगन्नाथ के नारे से लौह नगरी गुंजायमान हो उठा।मौक़े पर जितेंद्र पंडा,अभिनाश दलाई,,सुभाष पृस्टि,दिब्यां पंडा,अभिनाश प्रधान,संजीव पंडा,सुमित महापात्र, भास्कार चंद्र दास,दिव्यारंजन सेनापती,शुभराजीत पंडा,रमेश चैटर्जी,संतोष बेहेरा, सी वी कुमार,संतोष माझी,गगन् साहु,राम नारायन सिंह, बिजय बेहेरा,सौरभ सांडील,पियूष साव,सागर दास,तपन दास,आर्यन गुप्ता,अभिनाश दास,सुदीप दास, व अन्य मौजूद थे।

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