BRICS देशों के बीच बाजार खोलने से मजबूत होंगी सप्लाई चेन: भारत

@ नई दिल्ली :-

भारत मंडपम में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भारत ने सदस्य और साझेदार देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव सहित कई प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अपने संबोधन में भारत ने कहा कि BRICS समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। BRICS देशों का संयुक्त रूप से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार में लगभग एक चौथाई हिस्सा है। ऐसे में समूह के देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

भारत ने सदस्य और साझेदार देशों से एक-दूसरे के लिए बाजारों को अधिक खुला बनाने का आग्रह किया। कहा गया कि इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत और अधिक लचीला बनाने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही प्रतिभाओं और कुशल मानव संसाधन के आसान आवागमन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

संबोधन में भारत की विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद मजबूत क्षमताओं को भी रेखांकित किया गया। इनमें कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, सेवाएं, स्टार्टअप और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) प्रमुख हैं। भारत ने कहा कि इन क्षेत्रों में BRICS देशों के साथ संयुक्त नवाचार, तकनीकी साझेदारी और नए अवसर विकसित करने की व्यापक संभावनाएं हैं।

भारत ने वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में लचीले और भरोसेमंद बाजारों के निर्माण के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के जरिए सदस्य देश अपनी आर्थिक क्षमता को और मजबूत कर सकते हैं।

BRICS बिजनेस फोरम का यह सत्र व्यापारिक सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और तकनीकी साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। भारत ने स्पष्ट किया कि खुले बाजार, प्रतिभाओं की आसान आवाजाही और संयुक्त नवाचार BRICS देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति दे सकते हैं।

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