@ नई दिल्ली :-
शनिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षा तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को परखने के लिए संयुक्त आतंकवादी मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक समय में संकट की स्थिति से निपटने की तैयारियों का सत्यापन करना, विभिन्न सुरक्षा एवं संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा हवाई अड्डे पर उभरते खतरों के प्रति प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना रहा।

अभ्यास में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के साथ दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), बीडीबीडीएस, सीआईडब्ल्यू, डीआईएल, आरएक्सए, डीपी एटीएस, मेदांता, दिल्ली फायर सर्विसेज (डीएफएस), सीएटीएस, बीसीएएस, आरएआरएफ सहित विभिन्न संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
मॉक अभ्यास के दौरान संभावित आतंकी संकट की परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया, आपसी सूचना आदान-प्रदान और समन्वित कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं को परखा गया।
अभ्यास का एक प्रमुख उद्देश्य सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और संकट के दौरान जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन को सुनिश्चित करना रहा। इसके माध्यम से वास्तविक आपात स्थिति में सामने आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए परिचालन तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

संयुक्त अभ्यास ने दिल्ली हवाई अड्डे की विमानन सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। अभ्यास में शामिल एजेंसियों के बीच सहयोग और समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

