@ देहरादून उत्तराखंड :-
उत्तराखंड में दालचीनी की खेती और उससे जुड़े नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज 11 एवं 12 जून 2026 को देहरादून स्थित परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का विषय “दालचीनीः प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी में नवाचार” रखा गया है।

इस संबंध में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह आयोजन उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी “उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति 2026-36” के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नीति के तहत सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित कर किसानों की आय बढ़ाने तथा राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि संगोष्ठी में दालचीनी की उन्नत खेती, उत्पादन वृद्धि, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा कटाई के बाद की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, किसान एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से दालचीनी उत्पादन से जुड़े नए अवसरों का सृजन होगा तथा किसानों को वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त होगी। इससे राज्य में सुगंधित फसलों के क्षेत्र का विस्तार होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में अनुसंधान, नवाचार और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
