@ नई दिल्ली :-
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) आज देशभर में इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।

नालसा के सदस्य सचिव संजीव पांडे ने आकाशवाणी समाचार से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें न्याय व्यवस्था को अधिक सहभागी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि लोक अदालतों में समझौता योग्य आपराधिक मामलों, चेक बाउंस, बैंक वसूली विवाद, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावों और श्रम संबंधी मामलों सहित कई प्रकार के मामलों की सुनवाई की जाती है। इन अदालतों में आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान किया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
संजीव पांडे ने कहा कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच आयोजित 12 राष्ट्रीय लोक अदालतों में लगभग 26 करोड़ मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष आयोजित लोक अदालतों से भी बड़ी संख्या में लोगों को त्वरित न्याय मिलेगा और नियमित अदालतों पर बढ़ते मामलों का बोझ कम होगा।
