@ नई दिल्ली :-
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रसिद्ध ट्रांसजेंडर फैशन कोरियोग्राफर और सामाजिक कार्यकर्ता सैम विलियम्स पर जानलेवा हमला किया गया। यह हमला कथित तौर पर उधार दिए गए पैसों के विवाद को लेकर किया गया, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है।

पीड़ित सैम विलियम्स (उर्फ सनी विलियम्स), जो पिछले 28 वर्षों से फैशन इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और एक जानी-मानी शख्सियत माने जाते हैं, पिछले 18 वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं और मालवीय नगर के खिड़की एक्सटेंशन इलाके में पिछले 16 साल से निवास कर रहे हैं।
घटना 2 अप्रैल 2026, गुरुवार रात करीब 10:30 बजे की है। सैम विलियम्स चर्च से धार्मिक अनुष्ठान पूरा करके घर लौटे थे। घर पहुंचने के बाद वे अपने कुत्ते को टहलाने निकले। लौटते समय उनके ही सोसाइटी में रहने वाला एक व्यक्ति ‘मुन्ना’, जो उन्हें पिछले 16 साल से जानता था, अचानक उनके पास आया और पैसों को लेकर सवाल-जवाब करने लगा।
सैम के अनुसार, मुन्ना और उसके परिवार ने दिवाली से उनसे बड़ी रकम उधार ली थी, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया। जब सैम ने किसी भी तरह की आपत्तिजनक बात कहने से इनकार किया, तो आरोपी ने उन पर गाली-गलौज का झूठा आरोप लगाते हुए अचानक हमला कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि पहले मुन्ना ने पत्थर से हमला किया, फिर चाकू जैसे धारदार हथियार से वार किया। इसके बाद पास की दुकान से लोहे की रॉड और कैंची उठाकर भी हमला करने की कोशिश की गई। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन सकती है।

सैम विलियम्स ने बताया कि हमलावर ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि वह अकेले रहते हैं और ट्रांसजेंडर होने के कारण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। धार्मिक अवसर (गुड फ्राइडे और ईस्टर) के कारण उन्होंने तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी और शांति बनाए रखी, लेकिन अब उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित ने इस हमले को पूर्व-नियोजित साजिश बताते हुए मुन्ना के साथ उसकी पत्नी निधि, दिव्या, अमन और ‘ली’ नाम के एक अन्य ट्रांसजेंडर व्यक्ति को भी इसमें शामिल बताया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले के सबूत और अन्य जानकारी वे अदालत में पेश करेंगे।
सैम विलियम्स ने प्रशासन और कानून व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हमला नहीं बल्कि उनकी जान लेने की कोशिश थी।
दिल्ली में यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।
