केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों के कल्याण के लिए उठाए गए कदम

@ नई दिल्ली :-

भारत सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। इन पहलों में आर्थिक सहायता, शिक्षा संबंधी सुविधाएं, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं तथा पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

  • आयुष्मान सीएपीएफ: यह भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए शुरू की गई एक विशेष पहल है। इसके तहत देशभर के सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
  • अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया भुगतान): ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मी के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाती है। वहीं, आतंकवादी हिंसा या शत्रुतापूर्ण कार्रवाई में मृत्यु होने पर यह राशि 35 लाख रुपये होती है।
  • सीएपीएफ वेतन पैकेज योजना के अंतर्गत दुर्घटना मृत्यु बीमा कवरेज: इस योजना के तहत ड्यूटी के दौरान किसी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए दुर्घटना मृत्यु बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जाता है।
  • प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएस): यह योजना केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) एवं असम राइफल्स के कर्मियों के बच्चों तथा वीर नारियों (विधवाओं) को उच्च तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु संचालित की जाती है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 2,000 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं, जिनमें 1,000 लड़कों तथा 1,000 लड़कियों के लिए निर्धारित हैं। छात्रवृत्ति की राशि लड़कियों के लिए 3,000  रुपये प्रति माह (36,000  रुपये वार्षिक) तथा लड़कों के लिए 2,500 रुपये प्रति माह (30,000 रुपये वार्षिक) है।
  • अंशदायी कल्याण कोष: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के दिवंगत कर्मियों के निकटतम परिजनों (नेक्स्ट ऑफ किन) को अंशदायी कल्याण कोष से प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
  • सीएपीएफ कर्मियों के आश्रितों के लिए आरक्षण: सेवा में कार्यरत एवं दिवंगत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) तथा असम राइफल्स (एआर) के कर्मियों के आश्रितों के लिए एमबीबीएस में 26 तथा बीडीएस में 3 सीटें आरक्षित की गई हैं।
  • सीएपीएफ ई-आवास पोर्टल: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों के लिए आवासीय क्वार्टरों के पंजीकरण एवं आवंटन हेतु एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है। यह विभिन्न बलों के बीच आवास आवंटन की सुविधा भी प्रदान करता है।
  • कल्याण और पुनर्वास बोर्ड (डब्ल्यूएआरबी): इसका गठन सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों और उनके परिवारों, जिसमें मृत एवं दिव्यांग कर्मियों के निकटतम परिजन भी शामिल हैं, के कल्याण एवं पुनर्वास की देखरेख के लिए किया गया है। डब्ल्यूएआरबी देशभर में राज्य एवं जिला कल्याण अधिकारियों के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान करता है।
  • “सीएपीएफ पुनर्वास” योजना: यह योजना प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसीज़ (रेगुलेशन) अधिनियम (पीएसएआरए) की वेबसाइट को कल्याण और पुनर्वास बोर्ड (डब्ल्यूएआरबी) की वेबसाइट से जोड़कर शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत निजी सुरक्षा एजेंसियों में पुनः रोजगार प्राप्त करने के इच्छुक सेवानिवृत्त पूर्व सीएपीएफ/असम राइफल्स (एआर) कर्मियों का विवरण पीएसएआरए वेबसाइट पर निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
  • चिकित्सा सुविधाएं: सेवानिवृत्त सीएपीएफ कर्मियों और उनके जीवनसाथियों को सीजीएचएस/सीपीएमएफ अस्पतालों के माध्यम से चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं या उन्हें 1,000 रुपये प्रति माह का चिकित्सा भत्ता दिया जाता है।
  • जोखिम एवं कठिनाई भत्ता: जम्मू-कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों तथा पूर्वोत्तर राज्यों जैसे कठिन एवं जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनात सीएपीएफ कर्मियों को उनकी चुनौतीपूर्ण सेवा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जोखिम एवं कठिनाई भत्ता प्रदान किया जाता है।
  • केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (केपीकेबी): केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण वस्तुएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने 1 अप्रैल 2024 से केपीकेबी से सामान खरीदने वाले लाभार्थियों को 50% जीएसटी छूट की सुविधा शुरू की है।
  • उदार पेंशन पुरस्कार (एलपीए) और असाधारण पारिवारिक पेंशन (ईएफपी): ये विशेष पेंशन योजनाएं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के उन कर्मियों के परिवारों के लिए बनाई गई हैं, जिनकी मृत्यु या विकलांगता ऑपरेशन के दौरान उत्पन्न जोखिमों के कारण होती है। इन योजनाओं का उद्देश्य ऐसे कर्मियों के आश्रितों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
  • ‘भारत के वीर’: यह गृह मंत्रालय (एमएचए) की एक पहल है, जिसका उद्देश्य शहीद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों के परिवारों को सहायता प्रदान करना है। इसके माध्यम से नागरिकों को ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का अवसर मिलता है।
  • ऑपरेशनल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट: कार्रवाई या ड्यूटी के दौरान शहीद हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों को सशस्त्र बलों के ‘बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट’ की तर्ज पर ‘ऑपरेशनल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट’ प्रदान किया जाता है। इसके आधार पर उनके निकटतम परिजनों (एनओके) को विभिन्न लाभ दिए जाते हैं, जिनमें हवाई एवं रेल यात्रा किराए में छूट तथा पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित एजेंसियों का आवंटन शामिल है।
  • दया के आधार पर नियुक्ति : सरकारी निर्देशों के अनुसार पात्र आश्रित को दया के आधार पर नियुक्ति भी दी जाती है।
  • मानद रैंक: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स के कर्मियों (कांस्टेबल से सब-इंस्पेक्टर स्तर तक) के आत्मविश्वास एवं गौरव की भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें 23 मई 2025 से मानद रैंक प्रदान की जा रही है।
  • एयर कूरियर सेवा: कश्मीर घाटी में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स (एआर) के पात्र कर्मियों को आवागमन की सुविधा के लिए हवाई यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • अतिरिक्त एचआरए: कश्मीर घाटी में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों को ‘वाई’ श्रेणी के शहरों की दर (मूल वेतन का 20%) के अनुसार अतिरिक्त मकान किराया भत्ता (एचआरए) प्रदान करने की मंजूरी दी गई है। यह सुविधा उन्हें अपने परिवारों को पिछली तैनाती वाली जगह पर रखने में सहायता के लिए दी जाती है, बशर्ते उन्होंने सरकारी आवास की सुविधा का लाभ न लिया हो।
  • सीएपीएफ कर्मियों के बच्चों के लिए बस सेवा: जम्मू-कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर राज्यों में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स के कर्मियों के बच्चों के लिए स्कूल आने-जाने हेतु बस सेवा की सुविधा प्रदान की जाती है।

यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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