@ गांधीनगर गुजरात :-
राज्य सरकार द्वारा शिक्षा को सर्वस्पर्शी एवं गुणवत्तायुक्त बनाने के संकल्प के साथ गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केन्द्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता तथा शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा की प्रेरक उपस्थिति में छात्रवृत्ति वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तथा उपस्थित महानुभावों के करकमलों से एसएसआईपी 2.0, नमो लक्ष्मी, नमो सरस्वती विज्ञान साधना, मुख्यमंत्री ज्ञान साधना मैरिट तथा मुख्यमंत्री ज्ञानसेतु मैरिट स्कॉलरशिप योजना के लगभग 13.96 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खाते में प्रत्यक्ष लाभांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 354 करोड़ु रुपए की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की प्रेरणा से राज्य में कन्याओं की उच्च शिक्षा का प्रमाण बढ़ाने तथा विज्ञान संकाय के प्रति बेटे-बेटियों का झुकाव बढ़ाने के लिए नमो लक्ष्मी तथा नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना शुरू की गई हैं। राज्य सरकार ने अब तक 27.61 लाख विद्यार्थियों को इन योजनाओं के तहत 1871.78 करोड़ रुपए की सहायता दी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2001 में जब गुजरात की शासनधुरा संभाली, तब उन्होंने कन्या केळवणी (शिक्षा) महोत्सव तथा शाला प्रवेशोत्सव शुरू करवा कर कन्या शिक्षा की ज्योत जगाने के लिए गाँव-गाँव जाकर शिक्षा की भिक्षा मांगी थी। पूर्व में गुजरात में ड्रॉपआउट रेशियो लगभग 34-38 प्रतिशत था, जो आज घटकर केवल 2 प्रतिशत पर आ गया है। आज राज्य के विद्यालय ‘मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ अंतर्गत स्मार्ट क्लासरूम तथा डिजिटल लैबोरेटरी जैसी वर्ल्डक्लास सुविधाओं से सज्ज बने हैं, जिससे विद्यार्थियों को बहुत ही अच्छी शिक्षा मिलने लगी है।
मुख्यमंत्री ने जोड़ा कि गुजरात के सपूत तथा विश्वनेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘शिक्षित राष्ट्र’ के विजन को साकार करने के लिए राज्य सरकार दृढ़ता से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में देश के शिक्षा क्षेत्र में भी आमूल परिवर्तन आया है।
बेटियों के सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए पटेल ने कहा कि बेटियों की शिक्षा आर्थिक स्थिति के कारण अधूरी न रहे; इसके लिए राज्य सरकार ने निरंतर चिंता करते हुए नमो लक्ष्मी तथा नमो सरस्वती विज्ञान साधना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ क्रियान्वित की हैं। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से विद्यालयों में बेटियों की संख्या में 6-7 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को वरिष्ठ-ज्येष्ठ समान वात्सल्य भाव से प्रेरणा देते हुए कहा कि छात्र जीवन में सोशल मीडिया का सीमित समय के लिए उपयोग हो और पढ़ाई पर अधिक ध्यान केन्द्रित हो; ऐसा आचरण बच्चों को करना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नमो लक्ष्मी योजना तथा नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना के माध्यम से पिछले 2 वर्ष में स्कूल में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो इस योजना की सफलता दर्शाती है। इस सफलता को ध्यान में लेकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार द्वारा आगामी वर्ष में दोनों योजनाओं के लिए 1500 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में जब गुजरात में शिक्षा क्षेत्र में क्रांति आई है, तब शिक्षा केवल अभ्यास नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का सपना है।
मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के साथ अनेक सकारात्मक तथा परिणामोन्मुखी योजनाओं के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों के अध्ययन तथा जीवन में गुणात्मक परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने जोड़ा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे; इस उद्देश्य से गत वर्ष राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 12708 तथा माध्यमिक विद्यालयों में 9400 शिक्षकों की मेगा भर्ती की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्टार्टअप इकोसिस्टम को गुजरात सरकार विद्यार्थियों के क्लासरूम तक ले गई है, जो नई पीढ़ी के लिए गौरव समान है। शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर स्वागत संबोधन करते हुए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मिलिंद तोरवणे ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व तथा शिक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को इनोवेशन एवं मैरिट द्वारा भविष्य के जिम्मेदार नागरिक के रूप में गढ़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन विभिन्न योजनाओं का उम्दा उद्देश्य है कि वर्ष 2047 के ‘विकसित भारत’ तथा ‘विकसित गुजरात’ के निर्माण के लिए विद्यार्थी नवीनता तथा गुणवत्तायुक्त शिक्षा से देश सेवा में अपना अमूल्य योगदान दें।
इस कार्यक्रम में गांधीनगर की महापौर मती मीराबेन पटेल, गांधीनगर उत्तर की विधायक मती रीटाबेन पटेल, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक रंजीत कुमार, शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी सहित प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से बड़ी संख्या में विद्यार्थी सहभागी हुए।
