@ पण गोवा :-
गोवा की राजधानी पण में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल के. पटेल शामिल थे। भारत सरकार और राज्य सरकारों/ संघ राज्यक्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी परिषद की बैठक में भाग लिया।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्नत पर्यटन, उच्च प्रति व्यक्ति आय और खदानों के कारण आर्थिक विकास में अपनी भौगोलिक स्थिति से कहीं अधिक योगदान गोवा का है। उन्होंने कहा कि हाल ही में देश ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास वृद्धि दर दर्ज की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अशांति के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था द्वारा इस प्रकार की विकास दर दर्ज करना हम सबके लिए गौरव का विषय है। शाह ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र कई दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह क्षेत्र देश का सबसे बड़ा आर्थिक, औद्योगिक और वित्तीय केंद्र है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से लगातार बहुत सारे प्रशासनिक सुधारों के साथ देश के अर्थतंत्र को द्रुत गति से चलने वाला अर्थतंत्र बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दमन और दीव और दादरा और नगर हवेली और पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के तीनों राज्यों का भी 7.8 प्रतिशत की विकास दर को हासिल करने में बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र को देश के आर्थिक विकास के WEST Engine के रूप में जाना जाता है।
W से wealth और finance इसी क्षेत्र से सृजित होते हैं, E से export और ports, S से startups और semiconductor, T से tourism और blue economy में देश में सबसे बड़ा हिस्सा पश्चिमी क्षेत्र का है। गोवा में 1 करोड़ से अधिक टूरिस्ट आते हैं और उनमें 5 लाख विदेशी टूरिस्ट होते हैं। गोवा की GSDP में 16 प्रतिशत आय पर्यटन क्षेत्र से आती है। महाराष्ट्र 33,872 स्टार्ट अप के साथ देश में पहले स्थान पर है, धोलेरा अब सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में हब बन चुका है। गुजरात का मुंदरा पोर्ट सबसे अधिक कार्गो हैंडल करता है और दीन दयाल पोर्ट कार्गो की मात्रा की दृष्टि से सबसे बड़ा पोर्ट है। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई भी वैश्विक पूं के लिए बहुत बड़ा हब बनकर उभर रही है।

अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषद अब dispute resolution की जगह जनकल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग का साधन बन गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच अब कोई भी विवाद नहीं बचा है, यह एक बड़ी उपलब्धि है। शाह ने यह भी कहा कि आज की बैठक में शामिल सभी मुद्दे म़ॉनीटरिंग के थे।
राज्यों के बीच नदियों के कई विवाद भी क्षेत्रीय परिषद में हल किए गए हैं, बच्चों के कुपोषण, कम वज़न और ठिंगनापन पर भी हम क्षेत्रीय परिषदों में काम कर रहे हैं। आधार के पेनेट्रेशन को भी मॉनीटर कर रहे हैं और आयुष्मान भारत कार्ड को सफल करने के लिए भी यहां से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। नवीन न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन और नशे के खिलाफ भारत की जंग को सफल करने के काम में भी पश्चिमी क्षेत्र को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटराइज़ेशन में भी महाराष्ट्र में 98 प्रतिशत औऱ गुजरात में 92 प्रतिशत की दर से अच्छा काम हुआ है। उन्होंने कहा कि बनास डेयरी ने गोबरधन का जो मॉडल खड़ा किया है, उसे भी राज्य अपनाएं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी साइबर अपराधों के खिलाफ रणनीति को लगातार PRAGATI में मॉनीटर कर रहे हैं। सभी राज्यों के अर्बन कोऑपरेटिव बैंक FCFRS से जुड़ जाएं। म्यूल हंटर एआई से एकीकृत करने के लिए कोऑपरेटिव बैंकों को प्रेरित करने की ज़रूरत है। सभी सहकारी बैंक I4C से जुड़ जाएँ, इसके लिए भी हमें आगे बढ़ना होगा। अगले 2 साल में गृह मंत्रालय तटीय सुरक्षा के लिए बहुत गंभीरता से आगे आएगा।
अमित शाह ने कहा कि ग्रीन ऊर्जा में भी पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के चारों राज्य भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। भारत सरकार ने डेटा सेंटर के लिए एक बहुत ल्यूक्रेटिव पॉलिसी बनाई है, इसका अधिकतम फायदा उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषदें विकास और जनकल्याण के कामों में आगे बढ़ रही हैं।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक में सदस्य राज्यों के साथ-साथ देश के लिए भी कई अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दुष्कर्म के मामलों की त्वरित जांच और इसके शीघ्र निपटान के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों का कार्यान्वयन, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली से सम्बंधित मुद्दे(ERSS-112), खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित मुद्दा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा प्रत्येक गांव के नियत दायरे में ब्रिक-एण्ड-मोर्टार बैंकिंग की सुविधा, रेल विकास परियोजना से सम्बंधित मुद्दा, पर्यावरण मंजूरी के मुद्दे आदि शामिल थे|
इसके अलावा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भी चर्चा हुई जिसमें – शहरी मास्टर प्लानिंग, विद्युत प्रदाय व्यवस्था से सम्बंधित मुद्दा, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACSs) को मजबूत करना, पोषण अभियान के माध्यम से बच्चों में कुपोषण को दूर करना, स्कूली बच्चों की स्कूल छोड़ने की दर को कम करना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सार्वजनिक अस्पतालों की भागीदारी; साइबर अपराध और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित मुद्दे आदि शामिल थे।

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