@ गांधीनगर गुजरात :-
गुजरात के एम्स राजकोट में सर्जरी (ऑपरेशन) की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। संस्थान में 2024 में 861 सर्जरी हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 1,927 तक पहुंच गईं।2026 में भी यह रफ्तार जारी है। फरवरी तक ही 360 सर्जरी हो चुकी हैं, यानी हर महीने औसतन 180 ऑपरेशन किए जा रहे हैं।

अस्पताल में रोजाना करीब 800 से 900 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अब तक कुल 8.57 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा चुका है।आपातकालीन सेवाओं में भी अस्पताल की भूमिका महत्वपूर्ण है। अब तक 23,147 इमरजेंसी केस संभाले गए हैं, जबकि 11,589 मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया गया है।
अस्पताल ने बताया कि 24 घंटे इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाएं उपलब्ध हैं और पहले 24 घंटे तक इलाज मुफ्त दिया जाता है।यहां आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और ICU की सुविधा भी मौजूद है, जिससे गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज संभव हो पाता है।
अस्पताल में 22 स्पेशलिटी और 6 सुपर-स्पेशलिटी विभाग हैं, जिनमें जनरल मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति, बच्चों का इलाज, ENT, आंख, त्वचा, मानसिक स्वास्थ्य और दंत चिकित्सा शामिल हैं।
सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं में न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, पल्मोनरी मेडिसिन और प्लास्टिक सर्जरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।अस्पताल में CT स्कैन, MRI, अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्थान आगे बढ़ रहा है। MBBS सीटें 50 से बढ़ाकर 75 कर दी गई हैं। अब कुल 274 छात्र पांच बैच में पढ़ाई कर रहे हैं।
संस्थान में 81 फैकल्टी सदस्य हैं और इनके साथ रेजिडेंट डॉक्टर, नर्स और तकनीकी स्टाफ भी काम कर रहे हैं।इसके अलावा, मार्च 2024 से शुरू हुए आयुष विभाग में अब तक 3,500 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
2020 में स्थापित यह संस्थान 750 बेड की क्षमता वाला अस्पताल बन रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराना है।
