@ प्रजा दत्त डबराल नई दिल्ली :-
पूर्वी दिल्ली में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। ‘सेव हेड कैंपेन’ के तहत गुरु तेग बहादुर अस्पताल (GTB अस्पताल) के गेट नंबर 3 के सामने महिलाओं को हेलमेट वितरित किए गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दोपहिया वाहन चलाने वाली महिलाओं को हेलमेट पहनने के महत्व के प्रति जागरूक करना था।

इस दौरान उन महिलाओं को विशेष रूप से हेलमेट दिए गए, जो स्कूटी या मोटरसाइकिल चला रही थीं या पीछे बैठकर सफर कर रही थीं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद महिलाओं को बताया कि हेलमेट सिर्फ नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे जरूरी साधन है। सड़क हादसों में सिर पर चोट सबसे घातक साबित होती है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक टाला जा सकता है।
यह पूरा कार्यक्रम दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर सुरेन्द्र नागर की देखरेख में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता लाना बेहद जरूरी है, खासकर महिलाओं में, क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि वे हेलमेट पहनने में लापरवाही करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।
‘सेव हेड कैंपेन’ का आयोजन एनजीओ Trex NGO द्वारा किया गया, जिसमें The Times of India (टीओआई) का सहयोग भी रहा। इस साझेदारी के माध्यम से सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश की गई। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने लोगों से संवाद किया और उन्हें ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।

अभियान के दौरान कई महिलाओं ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों को सुरक्षा के प्रति गंभीर भी बनाते हैं। कुछ महिलाओं ने यह भी माना कि वे पहले हेलमेट को नजरअंदाज करती थीं, लेकिन अब वे नियमित रूप से इसका उपयोग करेंगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे और नियमों का पालन करे, तो दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।
इस तरह के जागरूकता अभियान न केवल नियमों को लागू करने का माध्यम हैं, बल्कि लोगों के सोच में बदलाव लाने का भी प्रभावी तरीका साबित हो रहे हैं।

