@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
पहाडों में जीवन यापन करना दिनो दिन बेहद दुश्वर हो रहा है। आये दिन गुलदार और भालू के हमले से क्षेत्रवासी सहमे हुये है इनकी सक्रियता से महिलाये, स्कूल के बच्चे, पशुपालक डर के साये में जी रहे हैं। शासन प्रशासन द्वारा वन्यजीव और मानव संघर्ष रोकने के दावे हवा हवाई सिद्ध हो रहे हैं इनकी आवासीय क्षेत्रो में चहलकदमी से हर कोई डरा हुआ है।

भालू के हमले से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गयी है जिसमें क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। विकास खंड द्वारीखल के ग्राम सभा च्वरा की निवासी सौदाम्बरी देवी पत्नी सन्तन सिह को घात लगाकर बैठा भालू ने हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया।
जानकारी के अनुसार सौदाम्बरी देवी की दुधारु गाय जंगल में चुगने गयी थी लेकिन वह देर रात घर नहीं आयी, अगले सुबह सौदाम्बरी देवी कुछ अन्य महिलाओं के साथ जंगल गयी और उन्हें गाय मृत अवस्था में मिली जिसे गुलदार ने अपना निवाला बनाया था जिससे महिलाये डर से घर आ गयी पर सौदाम्बरी देवी कुछ दूरी पर घास काटने लगी इसी बीच झाडी में छुपा भालू ने उन पर हमला कर दिया उनकी चीख पुकार सुनकर ग्रामीणो ने शोरगुल मचाया जिससे भालू भाग गया।
तत्काल घायल सौदाम्बरी को लेकर गाँववाले स्वास्थ्य केन्द्र चैलूसेण पहुँचे प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति देखते हुये उन्हें बेस हास्पिटल कोटद्वार को रेफर कर दिया गया। क्षेत्रवासियो ने शासन प्रशासन, वनविभाग से जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।



Uttrakhand govt uchit karwahi krana chahiye.