@ चंडीगढ़ हरियाणा :-
हरियाणा सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक में अगले दो वर्षों के लिए तरल नाइट्रोजन (लिक्विड नाइट्रोजन) के दर अनुबंध को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय से राज्य के कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

तरल नाइट्रोजन का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले फ्रोजन सीमन (जमे हुए वीर्य) के सुरक्षित संरक्षण के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से श्रेष्ठ नस्ल के सांडों के सीमन को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार होगा और अधिक दूध देने वाली नस्लों का विकास संभव होगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य के डेयरी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी। बेहतर नस्ल के पशुओं के कारण दूध उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे दुग्ध व्यवसाय अधिक लाभकारी बन सकेगा। साथ ही, वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और आधुनिक प्रजनन तकनीकों का उपयोग व्यापक स्तर पर किया जा सकेगा।
हरियाणा पहले से ही देश के अग्रणी दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। तरल नाइट्रोजन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का विस्तार होगा, ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर पशु प्रजनन सुविधाएं पहुंचेंगी और किसानों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले पशुधन का लाभ मिलेगा। यह निर्णय राज्य में डेयरी विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
