@ नई दिल्ली :-
अमेरिकी-ईरान शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) की तेजी के साथ 78,639 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 390.70 अंक (1.60%) उछलकर 24,774.30 के स्तर पर पहुंच गया।

बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-100 में 1.21% और स्मॉलकैप-100 में 1.29% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन में आईटी, प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी, मेटल, ऑटो और पीएसयू बैंक सूचकांक प्रमुख बढ़त वाले रहे, जबकि निफ्टी मीडिया में गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी-50 में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, इंडिगो, इंफोसिस, श्रीराम फाइनेंस और एक्सिस बैंक के शेयरों में सबसे अधिक तेजी रही। वहीं अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, ओएनजीसी, टेक महिंद्रा और भारती एयरटेल दबाव में रहे।
बाजार की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 490 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में निवेशकों की संपत्ति में कुल 11 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती निवेशकों का भरोसा बनाए हुए है। अब निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, रेपो दर में बदलाव की संभावना कम है, लेकिन केंद्रीय बैंक की भविष्य की नीति, मुद्रास्फीति और तरलता को लेकर दिए जाने वाले संकेत आगे बाजार की दिशा तय करेंगे।
