@ तिरूवनंतपुरम केरल :-
केरल का विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट 18 अगस्त से अपने पूर्ण एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट (EXIM) संचालन की शुरुआत करने जा रहा है। इसके साथ ही यह बंदरगाह केवल ट्रांसशिपमेंट पोर्ट की भूमिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक पूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्गो गेटवे के रूप में कार्य करेगा। इसे केरल की अर्थव्यवस्था और भारत के समुद्री व्यापार क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

अब तक विझिंजम पोर्ट मुख्य रूप से ट्रांसशिपमेंट गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां विदेशी बंदरगाहों से आने वाले कंटेनरों को दूसरे जहाजों में स्थानांतरित किया जाता था। EXIM संचालन शुरू होने के बाद भारतीय निर्यातकों और आयातकों को अपने माल की सीधे लोडिंग और अनलोडिंग की सुविधा मिलेगी। इससे व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक तेज, किफायती और प्रभावी बनेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से भारत की विदेशी बंदरगाहों, विशेषकर कोलंबो, सिंगापुर और दुबई पर ट्रांसशिपमेंट के लिए निर्भरता कम होगी। साथ ही जहाजरानी कंपनियों के समय और लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। यह बंदरगाह अपनी प्राकृतिक गहराई, आधुनिक कंटेनर हैंडलिंग सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के निकट होने के कारण वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट के पूर्ण संचालन से केरल में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और परिवहन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके अलावा, भारत की समुद्री क्षमता मजबूत होगी और देश वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति को और सशक्त बना सकेगा। 18 अगस्त से शुरू होने वाला यह नया अध्याय भारत को क्षेत्रीय ट्रांसशिपमेंट हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
