@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
देश के आर्थिक प्रकृति की संभावना के द्वार खुलने पर भी उत्तराखंड के पहाडी क्षेत्रों के निवासी कृषि और वागवानी क्षेत्र में में पिछड गये है। पहाडो की भौगोलिक परिस्थितियां पहाड़ के समान है। पहाड़ी जनजीवन मैदानो के आश्रय पर टिका हैं यह धारणा आम बन गयी है।

पर अभी कुछ सामाजिक संस्था इस पर चिन्तन कर रही है। जिसमे सामाजिक सरोकारो और पहाड़ के कृषि, बागवानी के चित्तन और दिशा निर्देशन में धाद संस्था ने किसानो की अर्थव्यवस्था सुधारने में जो पहल की है वह सराहनीय कदम है। पहाड़ का रास्ता कृषि और बागवानी होकर गुजरता है इस प्रयास को सार्थक करते हुये धाद प्रगतिशील किसानो के उत्पाद उचित मूल्य में खरीदकर बाजार उपलब्ध कराती है। गत वर्षो में चालीस हजार मैट्रिक् टन माल्टा, नीबू, नांरगी खरीदकर किसानो को आर्थिक रुप से मजबूत बनाया।
इसी के तहत विकास खंड द्वारीखाल के ओडल भल्लीगाँव में धाद संस्था द्वारा हरेला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अथिति डाक्टर आर. पी. कुकसाल उद्यान विषेशज्ञ विशिष्ट अथिति हर्षमणी व्यास पूर्व अध्यक्ष धाद, राजेश ध्यानी, जगदम्बा ध्यानी, वीरभान सिह रावत, प्रेम बहुखंडी, लोकेश नवानी ने प्रगतिशील किसानो को नीबू वर्गीय पौधो का वितरण किया।
अपने सम्बोधन में मुख्य अथिति ने कहा पहाड़ी क्षेत्रो के विकास पर प्रकाश डाला उन्होने कहा फलदार वृक्षो के रोपण करके इस धरती को संवृद्ध बनाना है। धाद संस्था के लोकेश नवानी ने कहा उत्तराखंड का भविष्य बागवानी पर टिका है इसलिए धाद इसको सफल बनाने के लिए प्रयासरत है। धाद संस्था के युवा प्रेम बहुखंडी ने कहा किसानो के उत्पाद को मार्केट दिलाने की माँग की और बागवानी को तकनीकी रुप से विकसित करने की मांग की।
हिमाचल प्रदेश में बागवानी करने वाले वीरभान सिह रावत ने अपने सम्बोधन में कहा हिमाचल के तर्ज पर बागवानी को विकास और प्रगति का आधार बनाया जाय ।यहाँ 40 हजार भूमी बंजर हो गयी है जिसके लिए सरकार को ठोस कृषि निति बनानी चाहिये। इस मौके पर धाद संस्था ने हरेला उद्यान के नायको को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया

इस दौरान प्रगतिशील किसान पवन विष्ट, रोहन सिह, मनीष रावत, चन्द्रमोहन डोबरियाल, वीरेन्द्र रावत, लक्षमण सिह, सौरभ डोबरियाल, पत्रकार कमल उनियाल, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रगतिशील किसान देबू भाई सहित विभिन्न ब्लाक से किसान मौजूद रहे।संचालन हरीश डोबरियाल ने किया।

