@ नई दिल्ली :-
लाओस के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान मंगलवार को आगरा पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध ताज महल का भ्रमण किया। उनके साथ उनकी पत्नी वदस्ना फोमविहाने भी मौजूद रहीं। भारत दौरे के दौरान वे कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

फोमविहाने बुधवार को भारत-लाओस बिजनेस फोरम में भाग लेने के साथ ही द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भारत-लाओस संयुक्त आयोग (जेसीएम) की 10वीं बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैस्वाल ने उनके भारत आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सात दशक पुराने राजनयिक संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाएगी।
भारत और लाओस के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत जुड़ाव पर आधारित हैं। बौद्ध धर्म और रामायण की सांस्कृतिक परंपराएं दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1956 में स्थापित हुए थे और तब से सहयोग निरंतर मजबूत होता गया है।
पिछले वर्ष नरेंद्र मोदी ने थोंग्लौं सिसौलिथ से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, संस्कृति और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि फोमविहाने की यह यात्रा भारत और लाओस के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक तथा रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
