@ नई दिल्ली :-
दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर “हिमालयन म्यूज़िक कंपनी” ने अपना नया उत्तराखंडी गीत “पायल” उत्तराखंड सदन दिल्ली में बड़े ही गरिमामय तरीके से रिलीज़ किया।

इस विशेष मौके पर उत्तराखंड की जानी मानी हस्तियां मदन मोहन सती , उत्तराखंड फिल्म एवं नाट्य संस्था की अध्यक्षा संयोगिता ध्यानी , प्रसिद्ध समाजसेवी एवं उत्तराखंड आंदोलन के अग्रज श्री अनिल पंत , प्रज्ञा आर्ट्स थिएटर ग्रुप की संस्थापक लक्ष्मी रावत, रविन्द्र रावत , संतोष बडोनी , अंजू भंडारी , रिया शर्मा , लक्ष्मी बेड़वाल , अंजू पुरोहित , रामपाल , शेखर भट्ट और प्रताप थलवाल की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
मदन मोहन सती ने कहा कि हिमालयन म्यूजिक कंपनी की यह प्रस्तुति “पायल” देवभूमि उत्तराखंड की विविध संस्कृति को प्रस्तुत करती है।उत्तराखंड संस्कृति के गीत ,संगीत और बोली को भावी पीढ़ी के साथ वित रखने के लिए आवश्यक है कि निरंतर नए सृजन किए जाए।
संयोगिता ध्यानी ने बताया कि स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड फिल्म एवं नाट्य संस्था के कलाकारों को लालकिले पर प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण के कार्यक्रम पर भागीदारी का अवसर मिला यह हमारे लिए गर्व का विषय है। हमने अपनी संस्कृति और वेशभूषा से समूचे देश को परिचित कराया।
प्रसिद्ध समाजसेवी अनिल पंत ने कहा कि यह गीत एल्बम सभी संगीत प्रेमियों को बहुत पसंद आएगा।इसमें हमारी पुरानी संस्कृति के साथ साथ आधुनिक संगीत का समागम भी किया गया है।
प्रज्ञा आर्ट्स थिएटर ग्रुप की अध्यक्षा लक्ष्मी रावत ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड राज्य सरकार की ओर से फिल्म और संगीत इंडस्ट्री को काफी सहयोग मिल रहा है।इसी का परिणाम है कि नित नए प्रयोगों के साथ उत्तराखंड कला देश पर अपनी छाप छोड़ रही है। वो समय जल्द ही आयेगा जब उत्तराखंड के अनेकों कलाकार फिल्म इंडस्ट्री की मुख्यधारा में कार्य करते नजर आएंगे।
उन्होंने कहा कि”पायल” गीत उत्तराखंड की मधुर लोकधुनों और आधुनिक संगीत का सुंदर मेल है, जो श्रोताओं को अपनी भावनाओं और लयबद्धता से बांधने का वादा करता है। इस गीत के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, संगीत और भावनाओं की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। हिमालयन म्यूज़िक कंपनी का यह प्रयास संगीत प्रेमियों और उत्तराखंड की कला-संस्कृति से जुड़े सभी लोगों के लिए एक उपहार है
