महात्मा हंसराज जयंती डीएवी चिड़िया में धूमधाम से मनाई गई

@ सिद्धार्थ पाण्डेय /चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम ) झारखंड  :-

महात्मा हंसराज जयंती पूरे उत्साहपूर्वक सेल संबद्ध डीएवी चिड़िया में मनाई गई । कार्यक्रम में छात्रों ने महात्मा हंसराज के जीवन संघर्षो और योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेन्द्र कु पाणिनि ने कहा कि महात्मा हंसराज ने उस महान आंदोलन की शुरुआत थी जिसे अब डीएवी आंदोलन के नाम से जाना जाता है।

संस्था ने 1 जून, 1886 को लाहौर में अपना पहला संस्थान, डीएवी स्कूल स्थापित किया, जिसके मानद प्रधानाध्यापक लाला हंस राज (बाद में महात्मा हंसराज) थे।महात्मा हंसराज की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि 1886 में लाहौर में पहले दयानंद एंग्लो-वैदिक विद्यालय प्रणाली (डीएवी) की स्थापना थी। उनके अनुसार अच्छे इंसान बनना जरूरी है, लेकिन इसे साबित करने में समय बर्बाद न करें। सबसे अच्छी चीज जो आप पहन सकते हैं, वह है आत्मविश्वास ।

मौके पर प्राचार्य देवेन्द्र कु पाणिनि की अध्यक्षता में पुष्प अर्पण कर सबों ने महात्मा हंसराज को याद किया ।मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षकों में राकेश कुमार मिश्रा,मौसमी दास गुप्ता,समीर प्रधान,सुजीत कुमार ,एस के पांडेय,मोमिता मजूमदार,सुमित सेनापति,वर्षा विश्वकर्मा ,जितेंद्र त्रिवेदी ,किशोर झा, ललित महतो, तनमोय चटर्जी,अभय सिन्हा, नित्यानंद भकत,सुखेन प्रसाद, के साथ साथ शिक्षकेत्तर कर्मी ख़ासतौर से उपस्थित थे।

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