@ सिद्धार्थ पाण्डेय /चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम ) झारखंड :-
मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के ‘काम्पोंग बारू’ इलाके में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के दशनार्थ पश्चिम सिंहभूम का एक टीम मलेशिया पहुँच ऐतिहासिक दौरे के मंदिर का मुआयना किया । मंदिर के संदर्भ शिक्षकों के साथ कई भारतीय संगीता पाण्डेय, सूरज पाण्डेय एवं सिद्धार्थ पाण्डेय भी मलेशिया मे मंदिर के दर्शनार्थ दिखे ।

इस अवसर पर शिक्षकों की अगुआई कर रहे शिक्षक एस के पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान मे मलेशिया का श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर धार्मिक दृष्टिकोण से इस पृथ्वी पर एक अनमोल उपहार है। यह मंदिर हिंदू समुदाय, विशेषकर उत्तर भारतीय प्रवासियों के लिए एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यह मंदिर भगवान विष्णु (नारायण) और धन व समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित है।
इस मंदिर का प्रबंधन मुख्य रूप से ‘सनातन धर्म सभा’ मलेशिया द्वारा किया जाता है। सुंदर और शांत वास्तुकला से सजे इस मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान लक्ष्मी-नारायण की भव्य मूर्तियां भक्तों को असीम शांति का अनुभव कराती हैं। यहाँ केवल धार्मिक पूजा-पाठ ही नहीं होता, बल्कि दिवाली, जन्माष्टमी, रामनवमी और महाशिवरात्रि जैसे त्योहार बेहद धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाए जाते हैं।
इसके अलावा, यह मंदिर स्थानीय समुदाय के लिए सामाजिक मेलजोल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और हिंदी कक्षाओं के संचालन का भी एक बड़ा माध्यम है, जो विदेश में रहते हुए भी भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवंत रखने का सराहनीय काम कर रहा है।

