मनोहर लाल ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में विद्युत मंत्रालय के मंडप का उद्घाटन किया

@ नई दिल्ली :-

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में विद्युत मंत्रालय के मंडप का उद्घाटन किया। इससे भविष्य के लिए तैयार, कुशल और लचीले विद्युत क्षेत्र के निर्माण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का पता चलता है।

यह मंडप “मेगावाट से मेगाबाइट तक: भारत के विद्युत इको-सिस्टम का रूपांतरण” विषय के तहत विद्युत क्षेत्र का एक दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। मंडप में दिखाया गया है कि डिजिटल प्रौद्योगिकियां किस प्रकार उत्पादन, पारेषण और वितरण प्रणालियों को नया आकार दे रही हैं।

विद्युत मंत्रालय के मंडप में प्रदर्शित कुछ प्रमुख आकर्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  1. आत्मनिर्भर भारत के लिए एआई-संचालित बिजली: उन्नत डिजिटल समाधानों द्वारा बिजली मूल्य श्रृंखला में बेहतर संचालन और बेहतर निर्णय लेने में सक्षमता लाने की कार्यप्रणाली को दिखाया गया है।
  2. स्टार्टअप ज़ोन: ऊर्जा इको-सिस्टम के परिवर्तन में सहायक अभिनव स्टार्टअप-नेतृत्व वाले समाधानों को प्रदर्शित करने वाला एक समर्पित मंच।
  3. पीजी-अमृत — पावरग्रिड द्वारा ट्रांसमिशन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से परिसंपत्ति प्रबंधन: ट्रांसमिशन परिसंपत्ति निगरानी और परिचालन दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से पावरग्रिड की एक एआई-सक्षम पहल।
  4. आभास पूर्व चेतावनी तंत्र: बांधों और बैराजों के लिए सक्रिय जोखिम प्रबंधन और बेहतर सुरक्षा को सक्षम बनाने वाला एक एआई/एमएल और आईओटी-आधारित रीयल-टाइम निगरानी और बाढ़ पूर्वानुमान प्लेटफॉर्म।
  5. एआई-संचालित आरडीएसएस कार्यान्वयन: भारतीय डिस्कॉम्स की परिचालन दक्षता और राजस्व प्रबंधन चुनौतियों का समाधान करने के लिए उन्नत, नवोन्मेषी स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का प्रयोग।

यह मंडप बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता को मजबूत करने, दक्षता में सुधार करने और विद्युत क्षेत्र में सतत विकास को समर्थन देने के लिए अत्याधुनिक एआई प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने पर मंत्रालय के ध्यानाकर्षण को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री ने एआई इम्पैक्ट समिट में दिल्ली मेट्रो रेल निगम द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी दौरा किया। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने उन्हें डीएमआरसी द्वारा एआई के क्षेत्र में की गई पहलों के बारे में जानकारी दी।

डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि एआई की मदद से ग्राहकों की शिकायतों और यात्रियों से सम्बंधित समस्याओं का तेजी से समाधान संभव हो सकेगा। ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई), पैंटोग्राफ-ओएचई इंटरैक्शन, व्हील ग्राइंडिंग, रोलिंग स्टॉक सबसिस्टम और सिग्नलिंग की निगरानी सहित रखरखाव के क्षेत्र में एआई का उपयोग किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...