@ गांधीनगर गुजरात :-
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने देश के शिप बिल्डिंग सेक्टर को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी ‘गुजरात शिप बिल्डिंग एंड रिपेयर पॉलिसी-2026’ का गांधीनगर में सोमवार को विधिवत लॉन्चिंग किया। देश में सर्वाधिक 2,340 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा वाले गुजरात में विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल डेवलपमेंट तथा निवेशक अनुकूल पॉलिसी के आधार पर यह पॉलिसी गुजरात को देश के अग्रणी शिप बिल्डिंग एवं रिपेयर सेंटर के रूप में स्थापित करेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया है उसे गुजरात इस महत्वाकांक्षी पॉलिसी के माध्यम से साकार करेगा। इतना ही नहीं; यह पॉलिसी भारत सरकार की शिप बिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम-2025, मैरीटाइम विजन 2047 तथा आत्मनिर्भर भारत के व्यापक लक्ष्य के साथ सुसंगत है।
राज्य का विकसित बंदरगाह ढाँचा, मजबूत औद्योगिक परिस्थिति तथा समृद्ध समुद्री विरासत इस पॉलिसी के प्रमुख आधार स्तंभ हैं। इस पॉलिसी के अंतर्गत प्रमुख स्तंभों पर आधारित बहुआयामी विकास व्यूहरचना अपनाई जाएगी, जिसमें शिपयार्ड्स एवं सहायक उद्योगों का विकास, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण, सतत एवं ग्रीन शिपयार्ड्स को प्रोत्साहन, शिपयार्ड्स को स्मार्ट शिपयार्ड्स में परिवर्तित करना तथा शिप बिल्डिंग क्षेत्र में स्टार्टअप्स तथा आर एंड डी को प्रोत्साहन देना भी शामिल है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा लॉन्च की गई इस पॉलिसी का एक प्रमुख आकर्षण इंटीग्रेटेड मेगा शिप बिल्डिंग पार्क (आईएमएसपी) का विकास है। इस पार्क को विश्वस्तरीय समुद्री औद्योगिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक आधारभूत सुविधाएँ, मरीन उपकरण क्लस्टर्स, परीक्षण सुविधाएँ, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, आर एंड डी केंद्रों तथा कौशल विकास संस्थानों का भी समावेश होगा।
इस विशाल औद्योगिक इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए लगभग 3,300 करोड़ रुपए की लागत से सामान्य मरीन एवं भूमि आधारित आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार की शिप बिल्डिंग डेवलेपमेंट स्कीम (एसबीडीएस) तथा गुजरात सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की इन सुविधाओं में ब्रेकवाटर्स, फ्लोटिंग क्रेन्स, हेवी लिफ्ट शिप्स, ड्रेजिंग, हार्बर बेसिन विकास, नेविगेशन चैनल, सड़कें, बिजली, जलापूर्ति तथा अन्य साझा उपयोग की सुविधाएँ शामिल होंगी।
इस समग्र संकलित दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप निवेशकों के लिए आधारभूत ढाँचे की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेज होगा तथा वैश्विक शिप बिल्डिंग एवं मैरीटाइम मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में गुजरात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
इस पॉलिसी के अंतर्गत सरल एवं त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम तथा समर्पित शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी। इससे उद्योगों को आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से प्राप्त होंगी तथा परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
यह पॉलिसी गुजरात राज्य में शिप बिल्डिंग उत्पादन क्षमता को 50 लाख डेड वेट टनेज (डीडब्लयूटी) से अधिक तक बढ़ाने, दो इंटीग्रेटेड मेगा शिप बिल्डिंग पार्कों की स्थापना तथा 5 लाख से अधिक व्यक्तियों को कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण का प्रशिक्षण देने की दिशा में प्रेरक बल बनेगी।
गुजरात मैरीटाइम बोर्ड द्वारा इस पॉलिसी के संबंध में गाइडलाइंस भी तैयार कर ली गई हैं, जिससे डेवलपर्स एवं निवेशकों के लिए आवेदन सहित अन्य प्रक्रियाएं अधिक सरल होंगी तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी।
इस पॉलिसी के लॉन्चिंग अवसर पर मुख्य सचिव एम.के. दास, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार डॉ. हसमुख अढिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के अध्यक्ष एस.एस. राठौड, मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव संजीव कुमार, बंदरगाह एवं परिवहन विभाग के प्रधान मुख्य सचिव हारित शुक्ल, मुख्यमंत्री के सचिव एवं गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं सीईओ डॉ. अजय कुमार सहित अन्य अग्रणी उपस्थित रहे।
