@ पटना बिहार
29 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी में आयोजित ‘स्पेस एप्लीकेशन एडॉप्शन वर्कशॉप-2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से बिहार की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक एवं उपयोगी स्पेस टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और आधुनिक तकनीक का वास्तविक उद्देश्य आम जनता के जीवन को आसान बनाना तथा विकास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और रिमोट सेंसिंग के माध्यम से कृषि, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, भूमि सर्वेक्षण और प्रशासनिक कार्यों में व्यापक सुधार किया जा सकता है। बिहार की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए, जिन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इससे आम नागरिकों, किसानों और सरकारी प्रशासनिक व्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘टेककनेक्ट’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से तकनीकी संस्थानों, विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (BIRSAC) और सर्वे ऑफ इंडिया (SOI) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक भू-स्थानिक तकनीकों के विकास को गति मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों और तकनीकी संस्थानों को निर्देश दिया कि वे नवाचारों को प्राथमिकता दें तथा आपसी समन्वय के साथ तकनीकी समाधानों को जनहित से जोड़ें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित किए जाने वाले एप्लीकेशन केवल तकनीकी उपलब्धि तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि विज्ञान, तकनीक और नवाचार का प्रभावी उपयोग बिहार को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
