@ नई दिल्ली :-
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक बड़े ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण हुई थी। बाढ़ और भारी बारिश के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 987 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने देश के आठ जिलों से कई और शव बरामद किए हैं। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर ने राहत एवं बचाव कार्यों को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, करीब 4 हजार लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक और कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, बचाव अभियान के दौरान अब तक लगभग 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
अधिकारियों ने नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए कई क्षेत्रों में नए सिरे से बाढ़ की चेतावनी जारी की है। खराब मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के कारण बचावकर्मियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचने तथा लापता लोगों का पता लगाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा बलों और आपदा राहत दलों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने, प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की है।
लगातार बारिश के कारण स्थिति और बिगड़ने की आशंका के बीच प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार होने के बाद बचाव और राहत अभियान को और तेज किया जाएगा।
