@ भोपाल मध्यप्रदेश :-
प्रदेश में निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस एवं नवीनीकरण से संबंधित आवेदनों के त्वरित निराकरण तथा चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने के लिए गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सचिव गृह कृष्णावेणी देसावतु ने बताया कि प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005 के अंतर्गत नए लाइसेंस के लिए प्राप्त आवेदनों का निराकरण निर्धारित 60 दिवस की समय-सीमा में तथा लाइसेंस नवीनीकरण के आवेदनों का निराकरण 30 दिवस की समय-सीमा में किया जाना है। इसी प्रकार, जांच उपरांत प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय को भेजे जाने के निर्देश हैं।
उन्होंने बताया कि निजी सुरक्षा एजेंसियों से संबंधित आवेदनों के निराकरण में अनावश्यक विलंब को रोकने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग द्वारा की गई समीक्षा में कुछ जिलों में जांच प्रतिवेदन लंबे समय से लंबित पाए गए थे। इस पर संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा भविष्य में समय-सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच प्रक्रिया को बनाया जाएगा अधिक व्यवस्थित
निजी सुरक्षा एजेंसियों के आवेदकों के चरित्र एवं कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया को भी सुव्यवस्थित किया गया है। संबंधित एजेंसी के कार्यालय का भौतिक सत्यापन कराए जाने तथा आवेदक के चरित्र संबंधी सत्यापन की जांच CCTNS एवं ICJS के माध्यम से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
कृष्णावेणी देसावतु ने यह भी बताया कि जांच प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब को रोकने के लिए आवेदक को केवल आवश्यक होने पर ही उपस्थित होने के लिए बुलाया जाए तथा अनावश्यक रूप से किसी प्रकरण को लंबित न रखा जाए।
गृह विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निजी सुरक्षा एजेंसियों से संबंधित जांच प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और निर्धारित समय-सीमा में प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाए।
