नमस्ते योजना ने स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और आजीविका सहायता को सुदृढ़ किया

@ नई दिल्ली :-

राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम कार्रवाई योजना (एनएएमएएसटीई, नमस्ते) का उद्देश्य एसा सक्षम इकोसिस्टम तैयार करके स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना, जो स्वच्छता  अवसंरचना के संचालन और रखरखाव में उनके योगदान को मान्यता देता है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने सूचित किया कि 22 सितंबर तक नमस्ते योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों से संबंधित घटक सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है और 90,186 कर्मियों का सत्यापन किया जा चुका है। सत्यापित कर्मियों में 86,468 पुरुष, 3,713 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।

पंत ने बताया कि हितधारकों के बीच 87,008 से अधिक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट और 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाई सुरक्षा उपकरण सेट वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मचारियों के लिए 27,034 स्वास्थ्य बीमा ई-केवाईसी प्रक्रियाएं पूरी की है, 5449 व्यावसायिक प्रशिक्षण आयोजित किए हैं और 1,841 कार्यशालाएं आयोजित की हैं।

सचिव महोदय ने बताया कि स्वच्छता उद्यमी योजना के माध्यम से मशीनीकरण के लिए पूंजीगत सब्सिडी संबंधी हस्तक्षेप के तहत 983 लाभार्थियों को 34.16 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने आगे कहा कि अब तक 87,037 पीपीई किट का ऑर्डर दिया जा चुका है, जबकि 87,008 किट वितरित की जा चुकी हैं।

पंत ने कहा कि कचरा बीनने वालों से संबंधित घटक के अंतर्गत 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,51,756 कचरा बीनने वालों का प्रोफाइल तैयार किया गया है। इनमें 1,35,233 पुरुष, 1,16,498 महिलाएं और 25 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 7,526 स्वास्थ्य बीमा ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की है। इसके साथ ही, कार्यान्वयन में 17 प्रशिक्षण प्रदाता और 33 संसाधन संगठन सहयोग कर रहे हैं।

सचिव महोदय ने कहा कि प्रोफाइल तैयार करने, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा कवरेज, क्षमता निर्माण और मशीनीकरण पर संयुक्त रूप से ध्यान केंद्रित करके नमस्ते योजना एक अधिक सुरक्षित और गरिमापूर्ण स्वच्छता इकोसिस्टम को सुदृढ़ कर रही है। साथ ही, यह स्वच्छता कर्मियों और कचरा बीनने वालों के लिए आजीविका और सामाजिक सुरक्षा सहायता का विस्तार कर रही है।

पंत ने कहा कि यह योजना राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) द्वारा कार्यान्वित विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से स्थायी आजीविका, क्षमता निर्माण, सुरक्षा उपकरणों तक पहुंच और मशीनीकरण को बढ़ावा देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...