ऊर्जा मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद बिजली कर्मचारियों ने वापिस ली तीन दिवसीय हड़ताल

@ चंडीगढ़ हरियाणा :-

हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में सोमवार 10 अगस्त 2026 को ऊर्जा विभाग की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, एसोसिएशनों एवं संघों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत एवं सकारात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के उपरांत यूनियनों की संयुक्त एक्शन कमेटी ने ’’11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल वापिस लेनेे की घोषणा’’ की।

बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव मती आशिमा बराड़, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उत्तर व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, तथा विभिन्न बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी तथा ऊर्जा विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान संयुक्त एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी तीन प्रमुख मांगों ’’एग्री डिस्कॉम के गठन, समानांतर निजी बिजली कंपनी को लाइसेंस दिए जाने तथा स्मार्ट मीटर लगाने’’-को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद उन्होंने प्रस्तावित हड़ताल वापिस लेने का निर्णय लिया है।

’एग्री डिस्कॉम के गठन’’ के संबंध में विज ने कहा कि यद्यपि मुख्यमंत्री द्वारा बजट भाषण में इसकी घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक विभागीय स्तर पर इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर उनकी मुख्यमंत्री के साथ भी अभी तक कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। लेकिन भविष्य में यदि इस पर किसी भी प्रकार की कोई बात होगी तो इस संबंध में हितधारकों के साथ बात की जाएगी।

’’स्मार्ट मीटर परियोजना’’ पर स्थिति स्पष्ट करते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में स्मार्ट मीटरों की खरीद के लिए कोई नया टेंडर जारी नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर को लगाने के लिए प्रीपेड व पोस्टपेड का विकल्प उपभोक्ताओं हेतु खुला रहेगा।

बैठक में बिजली निगमों में डीसी रेट के तहत कार्यरत कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के मुदों पर विज ने कहा कि ऐसे सभी विभिन्न कर्मचारियों को विभिन्न पदों के तहत  एचकेआरएन के सामानंतर रेट दे दिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए विभाग की ओर से सरकार/ मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजा जाए।  बैठक में कर्मचारियों को रिस्क भत्ता देने पर भी चर्चा की गई जिस पर विज ने यूनियन पदाधिकारियों को अवगत कराया कि विभिन्न जोखिम-भरे कार्य करने वाले कर्मचारियों को रिस्क भत्ता मिलना चाहिए और इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो निर्धारित अवधि के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

बैठक के दौरान एचएसईवी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से रखे गए ’’जूनियर इंजीनियरों की पदोन्नति में 35 प्रतिशत कोटा को 50 प्रतिशत कोटा बढ़ाने’’ के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

जिस पर विज ने आश्वासन देते हुए कहा कि इस संबंध में अध्ययन किया जाएगा, और कर्मचारी प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए जाएंगें। इसी प्रकार, एसोएिशन की ओर से काडर स्पेसिफिक एसीपी देने के संबंध में भी मुददा रखा गया है जिस पर भी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस बारे में मामला विभाग की आंतरिक कमेटी में रखा जाएगा और इस पर विस्तार से अध्ययन किया जाएगा और कर्मचारी प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए जाएंगें। इन मुददों की चर्चा व विज द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद एचएसईवी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने प्रस्तावित हडताल वापिस ले ली।

बैठक में एएचपीसी वर्कर्स यूनियन, हिसार के चेयरमैन देवेन्द्र हुडडा, ’’हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा’’ से बिजेंद्र बराड़,  यशपाल देशपाल,  राजेंद्र राणा,  रविंद्र धनखड़, ’’एचएसईवी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन’’ के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु धनखड़, महासचिव विपिन भारद्वाज, विपिन भारद्वाज, कृष्णपाल, प्रदीप कुमार, विकास, पंकज कुमार, अमन कुमार सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों एवं यूनियनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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