@ नई दिल्ली :-
शुक्रवार को दिल्ली मे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने यह खुलासा किया की उन्होंने दुश्मन के क्षेत्र में अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की। एपी सिंह ने कहा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने न सिर्फ दुश्मन के क्षेत्र में अंदर तक प्रवेश किया बल्कि 300 किलोमीटर तक की अब तक की सबसे लंबी दूरी की मार की, हमारी सेना ने बड़ी संख्या में उनके हवाई अड्डों और प्रतिष्ठानों पर ज़ोरदार हमला किया और हमने कम से कम 5-8 उनके लड़ाकू विमान मार गिराए.जिसमें लगभग पांच F 16 और JF 17 लड़ाकू विमान शामिल है। जिससे पाकिस्तान अपने ही क्षेत्र में संचालन करने में असमर्थ रहा।

भारतीय वायुसेना प्रमुख ने जोर देते हुए बोला की “आत्मनिर्भरता” हमारे लिए बहुत ज़रूरी और हमें किसी दूसरे के ऊपर निर्भर न रहना पड़े।
एयर मार्शल ने मिशन की रणनीतिक सफलता पर कहा हम दुश्मन के क्षेत्र में अंदर तक प्रवेश करने और उच्च सटीकता के साथ हमले करने में सक्षम थे। उन्होंने भारत की मजबूत वायु रक्षा संरचना को इस समग्र योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया जिसने ऑपरेशन के दौरान संपत्तियों के निर्बाध समन्वय और सुरक्षा को संभव बनाया।
सालाना पत्रकार वार्ता में उन्होंने भारतीय वायुसेना के विमानों को मार गिराने के पाकिस्तानी दावों को खारिज किया । एपी सिंह ने बीच बीच में पकिस्तन का भी मज़ाक उड़ाया और कहा पकिस्तन की जितनी भी बातें और दावे हैं मनोहर कहानियां जैसी लगती है।

वायुसेना प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में कहा उन्होंने (पाकिस्तान) कहा कि हमने इतने जेट गिराए ? मैं अब भी कुछ नहीं बोलूंगा और न ही बोलना चाहूंगा। अगर पाकिस्तान को लगता है कि उसने हमारे 15 जेट गिराए हैं तो उन्हें सोचने दो। मुझे उम्मीद है कि उन्हें इस बात का यकीन हो गया होगा और जब वे दोबारा लड़ने आएंगे तो मेरे बेड़े में 15 कम विमान होंगे तो मैं इसके बारे में बात क्यों करूं ?
उन्होंने कहा आज भी मैं इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा कि क्या हुआ कितना नुकसान हुआ और कैसे हुआ क्योंकि उन्हें पता तो चलने दीजिए।
इस दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सवाल किया क्या आपने एक भी तस्वीर देखी है जहां हमारे किसी एयरबेस पर कुछ गिरा हो हमें कोई टक्कर लगी हो कोई हैंगर तबाह हुआ हो या ऐसा कुछ? हमने उन्हें उनकी जगहों की इतनी सारी तस्वीरें दिखाईं लेकिन वे हमें एक भी तस्वीर नहीं दिखा पाए तो उनकी कहानी ‘मनोहर कहानियां’ है। उन्हें खुश रहने दीजिए। आखिरकार उन्हें भी अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए अपनी जनता को कुछ तो दिखाना ही है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में उन्होंने कहा ऑपरेशन सिंदूर सबसे महत्वपूर्ण था। पहलगाम की घटना के बाद हमने तय किया कि जिम्मेदार लोगों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए और निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। भारतीय सशस्त्र बलों को एक स्पष्ट निर्देश दिया गया था जिसमें भारतीय वायुसेना को आतंकवादी शिविरों से जुड़े 9 में से दो प्रमुख लक्ष्यों को निशाना बनाने में प्रमुख हितधारक बनाया गया था।

