@ शिमला हिमाचल :-
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में इस दिशा में अनेक योजनाएं बनाकर धरातल पर उतारी गई हैं, जिसका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है।

सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष 2 अक्तूबर से प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ आरम्भ करने जा रही है, जिसके तहत लगभग 2 लाख अतिनिर्धन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से 90 हजार ऐसे परिवार हैं, जिन्हें अभी तक किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और प्राकृतिक खेती के उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार गेहूं पर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की पर 50 रुपये प्रति किलो तथा कच्ची हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार अदरक पर 30 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश में पहला ऐसा राज्य है, जहां दूध पर भी सबसे अधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। गाय के दूध को 61 रुपये तथा भैंस के दूध को 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मेधावी छात्रों के लिए डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरम्भ की है, जिसके तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना के तहत पारिवारिक आय सीमा को भी 4 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकेें।
सुक्खू ने कहा कि विधवा महिलाओं के बच्चे पढ़ाई से वंचित न रहें, इसलिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत विधवाओं और विकलांग माता-पिता के 18 वर्ष तक की आयु के पात्र बच्चों को एक हज़ार रुपये हर महीने दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 18 से 27 वर्ष तक के बच्चों का प्रदेश और बाहरी राज्यों के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठा रही है।
उन्होंने कहा कि होम स्टे योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत, शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत तथा जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दे रही है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है तथा लोगों की आर्थिकी मजबूत हो रही है।
बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव के.के. पंत, बोर्ड के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य, प्रशासनिक सचिव तथा विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

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