पोरबंदर में आयोजित ‘विकसित पोरबंदर फर्नीचर पार्क समिट’ सफलतापूर्वक संपन्न हुई

@ पोरबंदर गुजरात :-

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉमनसुख मांडविया की अध्यक्षता में शनिवार को पोरबंदर में आयोजित ‘विकसित पोरबंदर फर्नीचर पार्क समिट’ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस समिट में देशभर के फर्नीचर उद्योग से जुड़े उद्योगकारों ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रोत्साहक नीतियों की जानकारी हासिल की। उद्योगकारों ने प्रतिक्रिया में कहा कि तटीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण पोरबंदर में वैश्विक व्यापार कनेक्टिविटी की अपार संभावना हैं। साथ हीयहां उद्योगकारों को मिलने वाली सुविधाएं व्यापार अनुकूल होंगी।

पोरबंदर के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉमनसुख मांडविया ने इस मौके पर उद्योगकारोंनिर्यातकों और पोरबंदर के स्थानीय कारोबारियों के साथसाथ वैश्विक व्यापार से जुड़ी भारत की अग्रणी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह फर्नीचर पार्क प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित पोरबंदरविकसित गुजरात’ से विकसित भारत के संकल्प में अहम भूमिका निभाएगा और पोरबंदरसौराष्ट्र की वैश्विक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पोरबंदर के निकट फर्नीचर पार्क के लिए प्रस्तावित साइट तय कर ली गई है। यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में गुजरात सरकार और भारत सरकार के समन्वय से साकार होगा। इसके लिए 100 हेक्टेयर जमीन का चयन भी हो चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। पोरबंदर के कुछड़ी गांव के पास शिप बिल्डिंग क्लस्टर तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा गया। उद्योगकार 14 जून को भारवाड़ा कुछड़ी सहित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने फर्नीचर पार्क के विचार को समझाते हुए कहा कि यहां डिजाइनिंगस्किलिंग सेंटर और सभी जरूरी सुविधाएं एक छत तले उपलब्ध होंगी। उन्होंने सभी सहभागियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए यह भरोसा दिलाया कि सरकार उनके सुझावों पर विचार करके सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सहयोग देने को कटिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि गुजरात के लंबे समुद्र तट और रणनीतिक भौगोलिक स्थान का लाभ उठाकर राज्य को वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात का एक नया पावरहाउस बनाने के लिए कृतसंकल्प है। इसके तहत गुजरात मैरीटाइम बोर्डकेंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से पोबंदर को एक मॉडल पोर्टआधारित औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने का मेगा विजन तैयार किया गया है। साथ हीपोरबंदर में एक अत्याधुनिक शिप बिल्डिंग क्लस्टर और फर्नीचर पार्क की स्थापना की कवायद शुरू की गई है।

गुजरात के वनपर्यावरण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने कहा कि फर्नीचर पार्क का विचार केंद्रीय मंत्री डॉमनसुख मांडविया की दीर्घदृष्टि का परिणाम है। पोरबंदर 16वीं सदी से समुद्री व्यापार के जरिए अफ्रीका और खाड़ी देशों से जुड़ा है।

मोढवाडिया ने पोरबंदर को निवेशकों के लिए श्रेष्ठ बताते हुए कहा कि वापीअहमदाबाद के गोल्डन कॉरिडोर की तुलना में यहां जमीन की कीमत काफी कम है। यहां सस्ती जमीन और सस्ता श्रमबल उपलब्ध है। पवन और सौर ऊर्जा का हब होने के कारण यहां उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली भी मिलेगी। साथ हीरोडरेल और हवाई कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी यह शहर बेहतर है।

ब्रिटिश उपउच्चायुक्त स्टीव हिकलिंग ने पोरबंदर को ‘ग्लोबल फर्नीचर हब’ के रूप में विकसित करने के प्रोजेक्ट को अद्भुत करार देते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने पोरबंदर के परंपरागत और आधुनिक उद्योगों के समन्वय की प्रशंसा करते हुए आशा व्यक्त की कि यहां का फर्नीचर उद्योग ब्रिटेन के बाजारों तक पहुंचेगा। हिकलिंग ने कहा कि गुजरात भारत के आर्थिक विकास का मुख्य इंजन है और देश के कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी लगभग 30 फीसदी है।

गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के उपाध्यक्ष और सीईओ डॉअजय कुमार ने कुछड़ी में प्रस्तावित शिप बिल्डिंग क्लस्टर प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उद्योग आयुक्त पीस्वरूप ने चर्चा में बताया कि क्यों पोरबंदर फर्नीचर पार्क के लिए सबसे श्रेष्ठ विकल्प है।

पोरबंदर जिला कलेक्टर एस.डीधानाणी ने स्वागत भाषण दिया। समिट के अंतर में पोरबंदर और सौराष्ट्र की संस्कृति को उजागर करने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।

समिट में पोरबंदर के महापौर सागर मोदीपूर्व कैबिनेट मंत्री बाबूभाई बोखीरिया सहित देश के 50 से अधिक फर्नीचर क्षेत्र से जुड़े उद्योगकार तथा विभिन्न उद्योग एसोसिएशनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...