प्रधानाध्यापिका कल्पना नेगी ने शिक्षा को बनाया समाज बदलाव का प्रेरक माध्यम

@ कमल उनियाल द्वारीखाल उत्तराखंड :-

देश में शिक्षको के सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक हमें ज्ञान और संस्कार के मात्रर्ग दिखाते है शिक्षक केवल हमें पढाते ही नहीं बल्कि जीवन जीने की राह भी दिखाते है। शिक्षक हमारे मार्गदर्शक होते हैं जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान रुपी प्रकाश की और ले जाते हैं।

उनकी दी हुयी शिक्षा से हमारी भविष्य की नींव मजबूत होती है गुरु को भगवान से उपर दर्जा दिया गया है। आज भी कुछ शिक्षक ऐंसे भी है जो आदर्श शिक्षक बनकर नयी पीढ़ी में उर्जा का संचार कर रहे है और अशिक्षा अज्ञानता के अंधियारे को मिटा रहे हैं।

ऐंसी ही शिक्षिका है जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खंड द्वारीखाल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय ग्वीन बड़ा में कार्यरत प्रधानाध्यापिका कल्पना नेगी जिन्होंने शिक्षा को रोजगार का माध्यम नहीं माना बल्कि समाज में बदलाव लाने की प्रेरणादायक मुहिम की और इसी सोच को ध्येय बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य कर रही है। बच्चों को शिक्षा से जोडने के लिए शैक्षिक उन्नयन, शारीरिक उन्नयन, सांस्कृतिक उन्नयन, के साथ विद्यालय में आधुनिक सुविधाओ को विकसित करने में उनका योगदान प्रेरणादायक है। उनके प्रयास से विद्यालय का शैक्षणिक स्तर विकास खंड में अग्रणी है।

 

प्रधानाध्यापिका कल्पना का शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत 1997 में में प्रथम नियुक्ति इलाहाबाद यूपी में सहायक अध्यापिका के पद पर हुयी। उसके बाद उन्होने प्राथमिक विद्यालय मरोडा कल्जीखाल, प्राथमिक विद्यालय श्रीकोटखाल ऐकेश्वर, प्राथमिक विद्यालय मथगाँव में कार्यरत रही। प्राथमिक विद्यालय मथगाँव से 2013 में पदोन्नत होकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय ग्वीन बडा में पदभार सँभालते ही उन्होने विद्यार्थीयों को शिक्षा के मुख्यधारा में लाने में विषेश प्रयास किया। उनके प्रयास से विद्यालय हर प्रकार के कार्यक्रम होते हैं। मेधावी छात्र प्रतियोगिता परीक्षा में पास होकर सफलता की नयी मंजिल तक पहुँचे है।

प्रधानाध्यापिका कल्पना नेगी गरीब, जरूरतमंद और आर्थिक रुप से कमजोर बच्चो की सहयता में हमेशा आगे रहती है ताकि उनका जीवन उँचा हो। विद्यालय में बच्चों की साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है कल्पना नेगी अपने निजी खर्चे से बच्चों के लिए फल तथा पौष्टिक उपलब्ध कराती है जिनकी ममतामयी छाँव में उनका जीवन शिक्षा के साथ खुशियो से ओत प्रोत होता है। उनके पति भी शिक्षक है दोनो शिक्षक दम्पति ने शिक्षा और समाज की सेवा को माध्मम बनकर क्षेत्र में एक नजीर पेश की है।

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