@ शिमला हिमाचल :-
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शिमला जिला की मल्याणा पंचायत के अंतर्गत शुराला गांव में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जनहितकारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पौधरोपण कार्यक्रम के आयोजन के लिए राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी एवं वन विभाग के अधिकारियों तथा स्थानीय ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि पौधरोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्वरूप दिया गया है। हमारे वेदों और उपनिषदों में वृक्षों, नदियों, पर्वतों तथा समस्त सृष्टि के संरक्षण का संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। रोपित किया गया एक पौधा जब तक एक सशक्त वृक्ष नहीं बन जाता, तब तक हमारी जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के वन केवल प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत की जल सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और लाखों लोगों के जीवन का आधार भी हैं। यह हमारा उत्तरदायित्व है कि हम इस हरित विरासत को सुरक्षित रखने में अपना भरपूर सहयोग दें।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को हरा-भरा एवं प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाकर प्रकृति संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ जैसे जन-अभियान ने देशभर में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रेरणादायी कार्य किया है। अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाना केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि धरती मां के प्रति हमारी कृतज्ञता का भी प्रतीक है।
पौधरोपण अभियान के तहत वन विभाग के अधिकारियों, रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों तथा शिमला नर्सिंग कॉलेज रेडक्रॉस कनिष्ठ विंग की छात्राओं द्वारा अनार, बान, देवदार अखरोट, चील तथा बणा के 120 से अधिक पौधे रोपित किए गए।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय रेडक्रॉस कार्यकारिणी की सदस्या डॉक्टर साधना ठाकुर, कार्यकारी सदस्य किम्मी सूद, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, वन विभाग के प्रमुख अरण्यपाल संजय सूद, शिमला नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर किशन चौहान, प्रधान ग्राम पंचायत शुराला अंकुश, उप-प्रधान टीटू सहित रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य, शिमला नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं सहित स्थानीय लोग उपस्थित थे।
