@ हैदराबाद तेलंगाना :-
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य में हमेशा रहने वाली ट्रैफिक की समस्याओं का स्थायी समाधान करने और सड़क हादसों को रोकने के लिए एक अहम फैसला लिया है। ट्रैफिक मैनेजमेंट का मतलब सिर्फ चालान काटना और वसूलना नहीं है, बल्कि साइंटिफिक तरीकों से ट्रैफिक को कंट्रोल करना और इमरजेंसी मेडिकल मदद देना भी है।

✅ यह नया सिस्टम मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में ‘स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल’ के तहत काम करेगा। सरकार ने इस बारे में आदेश (G.O. 135) जारी किए हैं। इस खास डिपार्टमेंट को एक एडिशनल DGP (ADGP) या IGP लेवल का अधिकारी हेड करेगा और इसका हेडक्वार्टर हैदराबाद में होगा।
✅ यह ब्यूरो राज्य में 32 हजार किलोमीटर से ज़्यादा सड़कों और 1.8 करोड़ से ज़्यादा गाड़ियों की आवाजाही पर नज़र रखता है। रोड ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ मेट्रो और रेलवे की सुरक्षा भी इसी डिपार्टमेंट को सौंपी गई है।
✅ हर पुलिस स्टेशन में एक ‘रोड एक्सीडेंट रिस्पॉन्स ऑफिसर’ नियुक्त किया जाएगा जो पीड़ितों की जान बचाने के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। एक्सीडेंट के तुरंत बाद ‘गोल्डन आवर’ के अंदर घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने की ज़िम्मेदारी उनकी है।
✅ साथ ही, आउटर रिंग रोड (ORR) और 50 km से ज़्यादा लंबे हाईवे पर स्पीड डिटेक्टर और लेटेस्ट कैमरों से लैस ‘हाईवे पेट्रोल यूनिट्स’ लगाई जाएंगी और लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी। इस सिस्टम को बनाए रखने के लिए खास तौर पर एक ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट फंड’ बनाया गया है।
✅ पुलिस को मिलने वाले ट्रैफिक फाइन का 40% सीधे इस फंड में जाएगा। इन फंड्स का इस्तेमाल स्टाफ ट्रेनिंग, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, पेट्रोल गाड़ियों और सड़कों की इमरजेंसी रिपेयर के लिए किया जाएगा।
