साधना सप्ताह दिवस 4: परंपरा-केंद्रित वेबिनार्स के मुख्य अंश

@ नई दिल्ली :-

साधना सप्ताह 2026 का चौथा दिन परंपरा पर केंद्रित होगा, जिसमें 5 अप्रैल 2026 को विशेषज्ञों द्वारा संचालित वेबिनार्स निर्धारित किए गए हैं। इन सत्रों में भारतीय ज्ञान प्रणालियों की विवेचना की जाएगी, तथा इस पर अंतर्दृष्टि प्रदान की जाएगी कि पारंपरिक ज्ञान किस प्रकार समकालीन शासन का मार्गदर्शन कर सकता है।

डाक विभाग भी इंडिक नॉलेज सिस्टम्स से नेतृत्व, प्रबंधन और नैतिकता पर एक वेबिनार प्रस्तुत करेगा।

दिन के मुख्य अंश (अप्रैल, 2026):

1.  अनीश और पंकज बंसल:

विषय: भारतीय विरासत: विकसित भारत @ 2047 के लिए सभ्यतागत खाका

समय: प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक

अनीश (आध्यात्मिक शिक्षक एवं सह-संस्थापक, पीपलस्ट्रॉन्ग) और पंकज बंसल (सह-संस्थापक एवं समूह सीईओ, पीपलस्ट्रॉन्ग, तथा बोर्ड सदस्य, कर्मयोगी भारत) विकसित भारत 2047 के विज़न को प्राप्त करने के लिए भारत की सभ्यतागत विरासत की एक मूलभूत खाके के रूप में विवेचना करेंगे। सत्र में इस बात की भी पड़ताल की जाएगी कि भारतीय दर्शन से प्राप्त पारंपरिक मूल्य, शासन के सिद्धांत और नैतिक ढाँचे किस प्रकार समकालीन लोक सेवा और राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों का मार्गदर्शन कर सकते हैं।

2.  रुजुता दिवेकर:

विषय: परंपराएँस्वास्थ्य और कल्याण

समय: दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे तक

दिवेकर (पोषण विशेषज्ञ एवं बेस्ट-सेलिंग लेखिका) भारतीय ज्ञान प्रणालियों में निहित स्वास्थ्य और कल्याण के पारंपरिक दृष्टिकोणों पर चर्चा करेंगी। यह सत्र इस बात पर केंद्रित होगा कि पोषण, जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य के समय-परीक्षित अभ्यासों को लोक सेवकों के जीवन में किस प्रकार एकीकृत किया जा सकता है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो तथा वे अधिक प्रभावी ढंग से सेवा कर सकें।

3.  विद्या शाह और निधि चौधरी:

विषय: जहाँ परंपरा और पद्धति का संगम होता है: कलासंगीत और लोक सेवा का आंतरिक जीवन

समय: अपराह्न 3:00 बजे से 4:00 बजे तक

शाह (गायिका एवं संगीतकार) और चौधरी (निदेशक, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स) पारंपरिक कला रूपों, संगीत और लोक सेवा के अंतर्संबंध का अन्वेषण करेंगी। यह सत्र इस बात की पड़ताल करेगा कि कला और संगीत के साथ जुड़ाव किस प्रकार लोक सेवकों के आंतरिक जीवन का पोषण कर सकता है, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेते हुए कैसे उनके कार्यों में सृजनात्मकता, सहानुभूति और उद्देश्य की गहरी भावना को विकसित कर सकता है।

4. आरएकेएनपीए,डाक विभाग:

विषय: नेतृत्वप्रबंधन और नैतिकता: इंडिक नॉलेज सिस्टम्स से अंतर्दृष्टि

समय: प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक

डाक विभाग के अंतर्गत रवीन्द्रनाथ टैगोर नेशनल एकेडमी फॉर पोस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (आरएकेएनपीए) नेतृत्व, प्रबंधन और नैतिकता पर इंडिक नॉलेज सिस्टम्स से अंतर्दृष्टियाँ प्रस्तुत करेगा। यह सत्र पारंपरिक अवधारणाओं और रूपरेखाओं को टटोलेगा, जो लोक प्रशासन में नैतिक शासन, निर्णय लेने और नेतृत्व के समकालीन दृष्टिकोणों को मार्गदर्शित कर सकती हैं।

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