सात समंदर पार कर उत्तराखंड की प्रियंका गुसाईं ने रचा इतिहास, विश्व भ्रमण पूरा

@ नई दिल्ली :-

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के थैलीसैंण ब्लॉक के भटकोट गांव की बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने भारतीय नौसेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए विश्व भ्रमण सफलतापूर्वक पूरा किया है। स्वदेशी पाल नौका IASV-50 त्रिवेणी पर सवार नौ सदस्यीय संयुक्त महिला दल की सदस्य के रूप में उन्होंने 314 दिनों की चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा के दौरान 25,500 नॉटिकल माइल्स की दूरी तय की। इस उपलब्धि के साथ प्रियंका उत्तराखंड की पहली महिला नौसेना अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने विश्व के सातों समुद्रों का सफल भ्रमण किया।

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की नौ महिला अधिकारियों का संयुक्त दल 11 सितंबर 2025 को मुंबई से इस ऐतिहासिक अभियान पर रवाना हुआ था। अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। दल ने विश्व के पांचों महासागरों तथा उनसे जुड़े प्रमुख समुद्री मार्गों को पार करते हुए कठिन समुद्री परिस्थितियों का सामना किया और 22 जुलाई को मुंबई लौटकर मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।

इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि IASV-50 त्रिवेणी पूरी तरह हवा की शक्ति से संचालित होने वाली स्वदेशी पाल नौका है। समुद्र में कई बार तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण तय मार्ग बदलना पड़ा, लेकिन दल की तकनीकी दक्षता, धैर्य, साहस और टीमवर्क ने हर चुनौती को पार कर लिया। यह अभियान भारतीय महिला सैन्य अधिकारियों की क्षमता, नेतृत्व और आत्मविश्वास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।

प्रियंका गुसाईं ने देहरादून के डीआईटी विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2017 में भारतीय नौसेना में शामिल हुईं। उनके पिता हर्ष गुसाईं गढ़वाल राइफल्स से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी माता नीरजा गुसाईं गृहिणी हैं।

प्रियंका की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और साहस के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनका यह कारनामा महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का गौरवपूर्ण प्रतीक बन गया है।

IASV-50 त्रिवेणी :

IASV-50 त्रिवेणी (Indian Armed Services Vessel-50 Triveni) भारतीय सशस्त्र बलों की एक स्वदेशी पाल नौका (Sailing Vessel) है, जिसे लंबी समुद्री यात्राओं, साहसिक अभियानों और नौकायन प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया है।

इसकी प्रमुख विशेषताएं:

  • नाम: IASV-50 त्रिवेणी (Indian Armed Services Vessel-50 Triveni)
  • प्रकार: स्वदेशी सेलिंग वेसल (पाल नौका)
  • लंबाई: लगभग 56 फीट (करीब 17 मीटर)
  • निर्माण: भारत में विकसित और निर्मित।
  • संचालन: भारतीय सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना और वायुसेना) के संयुक्त साहसिक अभियानों में उपयोग।
  • ऊर्जा स्रोत: यह मुख्य रूप से हवा (Wind Power) से चलती है और पाल (Sails) के सहारे समुद्र में यात्रा करती है।

ऐतिहासिक विश्व भ्रमण

  • 11 सितंबर 2025 को मुंबई से विश्व भ्रमण पर रवाना हुई।
  • इसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की 9 महिला अधिकारी शामिल थीं।
  • अभियान 314 दिनों तक चला।
  • इस दौरान नौका ने लगभग 25,500 नॉटिकल माइल्स की यात्रा की।
  • दल ने विश्व के पांच महासागरों और उनसे जुड़े समुद्री मार्गों को पार किया।
  • 22 जुलाई 2026 को यह अभियान सफलतापूर्वक मुंबई में संपन्न हुआ।

महत्व

  • यह अभियान भारतीय महिला सैन्य अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता, साहस और समुद्री कौशल का प्रतीक बना।
  • IASV-50 त्रिवेणी ने भारत की स्वदेशी नौकायन क्षमता और समुद्री साहसिक अभियानों में आत्मनिर्भरता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया।
  • इस अभियान में उत्तराखंड की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं सहित नौ महिला अधिकारियों ने इतिहास रचा और भारतीय सशस्त्र बलों की उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...