सेना प्रमुख ने 4,850 किमी की पैन-हिमालयन ईवी राइड को दिखाई हरी झंडी

@ नई दिल्ली :-

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर से स्टैलियन्स पैन-हिमालयन ईवी राइडर्स एक्सपेडिशन (SPIRE) को रवाना किया। यह अभियान सेना सेवा कोर (Army Service Corps) दिवस और 12वें एसएसी पुनर्मिलन समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। अभियान का समापन 16 नवंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश स्थित वालोंग युद्ध स्मारक पर होगा।

लगभग 4,850 किलोमीटर की दूरी तय करने वाला यह अभियान हिमालयी और पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इसके निर्धारित मार्ग में माना, नाथू ला और बुम ला जैसे सामरिक एवं महत्वपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र शामिल हैं। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य वालोंग युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है।

अभियान के माध्यम से भारतीय सेना की साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रदर्शित करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। दुर्गम पर्वतीय इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए लंबी दूरी तय करना इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इससे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की क्षमता और परिचालन संबंधी अनुकूलता का आकलन करने में मदद मिलेगी।

यह पहल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से सैन्य गतिविधियों में हरित तकनीक की संभावनाओं का परीक्षण किया जाएगा।

SPIRE अभियान ‘जय से विजय’ की भावना को साकार करते हुए राष्ट्रीय गौरव, सैन्य परंपराओं और पर्यावरणीय स्थिरता का संदेश देगा। साथ ही, यह प्रधानमंत्री के हरित गतिशीलता संबंधी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में योगदान देगा।

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