@ नई दिल्ली :-
भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम का एशिया कप फाइनल में पहुंचने का सपना सेमीफाइनल में चीन के हाथों हार के साथ टूट गया। रोमांचक मुकाबले में निर्धारित समय तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर रहीं, लेकिन शूटआउट में चीन ने भारत को 3-1 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।

भारत ने मैच की शानदार शुरुआत की और तीसरे ही मिनट में बढ़त बना ली। कप्तान स्वीटी कुजूर के सटीक पास पर नौशीन नाज ने बेहतरीन फील्ड गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। शुरुआती बढ़त के बाद भारतीय टीम ने आक्रामक खेल जारी रखा, लेकिन चीन ने धीरे-धीरे मैच में वापसी की।
चीन को 24वें मिनट में भारतीय रक्षा पंक्ति की चूक का फायदा मिला और ली जेयान ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भारतीय गोलकीपर महाक परिहार ने कई अहम बचाव कर टीम को मैच में बनाए रखा।
चौथे क्वार्टर में चीन ने 48वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से झांग युझेंग के गोल की बदौलत 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि भारतीय टीम ने हार नहीं मानी और 54वें मिनट में किरण एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए स्कोर 2-2 कर दिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कोई और गोल नहीं हुआ और मुकाबला शूटआउट में पहुंच गया।
शूटआउट में चीन के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और गोलकीपर लियू जू के शानदार बचावों की बदौलत टीम ने 3-1 से जीत दर्ज की। चीन की ओर से लू टोंग टोंग, गे चेन और गुओ जियाक्सिन ने गोल किए, जबकि भारत के लिए केवल संदीपा कुमारी ही शूटआउट में सफल हो सकीं।
इस हार के साथ भारत का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया, जबकि चीन ने खिताबी मुकाबले में जगह बना ली। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल की कड़ी चुनौती को पार करने में सफल नहीं हो सकी।
