@ भुवनेश्वर ओडिशा :-
ओडिशा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास में एक सुनहरा अध्याय दर्ज हो गया है। मैंने गुजरात के पवित्र प्रभास पाटन की ओर ओडिशा के 1100 से अधिक भक्तों के साथ ऐतिहासिक ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा-2026’ के हिस्से के रूप में भुवनेश्वर स्थित भगवान सोमनाथ के धाम की ओर निकली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह आंदोलन हमारी गहरी आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अद्वितीय प्रतीक है। पूर्व में लिंगराज और पश्चिम में भगवान सोमनाथ इन दो दैवीय शक्तियों ने सम्पूर्ण भारत को एकता और अविनाशी चेतना के सूत्र से बंधा है। गौरवशाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘विकाश भी, विरासत भी’ मंत्र से प्रेरित होकर आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा-2026’, सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1000 वर्षों और इसके जीर्णोद्धार के 75 वर्षों के बीच अद्वितीय संबंध को याद करती है।
ओडिशा और सोमनाथ के बीच अटूट संबंध स्थापित करने के लिए एकमरा क्षेत्र के पवित्र बिन्दुसागर का जल और केदारगौरी मंदिर की पवित्र मिट्टी को प्रभु के चरणों में अर्पण करने के लिए रवाना किया गया है। राज्य की अस्मिता, गौरवशाली संस्कृति व इतिहास के संरक्षण व प्रसार हेतु हमारी सरकार ने निरंतर प्रयास जारी रखा है। यात्रा में शामिल सभी तीर्थयात्रियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए सभी ओडिशा वासियों के सुख, शांति और समृद्धि की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।

