स्वास्थ्य: जीवन का मूल आधार और इसकी चुनौतियां

@ हरि सिंह रावत दुबई

स्वास्थ्य केवल बीमारियों की अनुपस्थिति तक सीमित नहीं है; यह जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है जो हमें सामाजिक, शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने की क्षमता प्रदान करता है। आज के दौर में स्वास्थ्य एक व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाने वाला विषय बन गया है, जिसमें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक कारक भी शामिल हैं।

दुबई के प्रतिष्ठित 4 पॉइंट्स शेराटन होटल में एक महत्वपूर्ण संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय प्रवासी पार्थ जखमोला और सूडान से हुस्साम इब्राहिम ने भारतीय पत्रकारों से स्वास्थ्य के विषय पर अपनी राय साझा की। इस कार्यक्रम में “प्रजा टुडे” के संपादक प्रजा दत्त डबराल ने विशेष रूप से कई प्रासंगिक सवाल उठाए, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का मौजूदा परिदृश्य और महंगी दवाइयों की उपलब्धता प्रमुख मुद्दे रहे।

प्रजा दत्त डबराल ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि दवाइयों की अत्यधिक कीमतें आम जनता के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि इस समस्या का समाधान कैसे निकाला जा सकता है और आम जनता के लिए सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं कैसे उपलब्ध कराई जा सकती हैं। जखमोला जी ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि महंगी दवाइयों की समस्या को सुलझाने के लिए सरकार और निजी संस्थानों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए नए नीतिगत कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि हर वर्ग को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

इसी संदर्भ में, दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक का भी जिक्र हुआ। अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तहत शुरू किए गए इन मोहल्ला क्लिनिक्स ने न केवल सामान्य दवाइयां उपलब्ध कराई हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के दरवाजे तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह मॉडल न केवल दिल्ली में, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी अनुकरणीय साबित हो सकता है।

सूडान के हुसमा ने दिल्ली के इस स्वास्थ्य मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल बड़े शहरों के अलावा छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए एक प्रेरणास्रोत है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उनकी सस्ती पहुंच के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती अभी भी बनी हुई है, जिसे सुलझाने की आवश्यकता है।

यह चर्चा इस बात पर जोर देती है कि स्वस्थ जीवन का आधार केवल शारीरिक तंदुरुस्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उनकी उपलब्धता और सस्ती दवाइयों की आपूर्ति के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

अंत में, प्रजा दत्त डबराल ने सरकार से अपील की कि स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए कदम उठाए जाएं ताकि हर नागरिक को एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन जीने का अवसर मिल सके।

इस सब बातचीत के बाद भारतीय प्रवासी पार्थ जखमोला फोरबीस हेल्थ केयर सबमिट के लिए अबू धाबी रवाना हुए ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...