@ नई दिल्ली :-
पूर्वी दिल्ली के थाना विवेक विहार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में थाना प्रभारी हरकेश गाबा ने अल्प समय में ही उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनके नेतृत्व में विवेक विहार थाना क्षेत्र ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। कुछ महीनों पहले तक जिस इलाके में असामाजिक गतिविधियाँ आम बात थीं, आज वहीं शांति और सुरक्षा का माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

थाना विवेक विहार के अंतर्गत आने वाले कस्तूरबा नगर, ज्वाला नगर, मुकेश नगर, विवेक विहार और झिलमिल जैसे क्षेत्र पूर्व में अपराध की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते थे। चोरी, झपटमारी, सट्टे के कारोबार, असामाजिक तत्वों की खुलेआम गतिविधियों के कारण आम नागरिकों में भय का माहौल बन गया था। शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचाते थे और व्यापारियों में भी असुरक्षा की भावना बनी रहती थी।
ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में थाना प्रभारी हरकेश गाबा ने क्षेत्र की कमान संभालते ही सख्त और सक्रिय पुलिसिंग को प्राथमिकता दी। उन्होंने केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर काम करना शुरू किया। नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर और असामाजिक तत्वों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई उनकी कार्यशैली की पहचान बनी।
थाना प्रभारी हरकेश गाबा स्वयं अपने पुलिस काफिले के साथ शाम के समय क्षेत्र में निकलते थे। उनके इस नियमित और प्रभावी निरीक्षण से एक ओर जहां आम लोगों में सुरक्षा का भाव बढ़ा, वहीं दूसरी ओर अपराधियों और असामाजिक तत्वों में पुलिस का डर भी गहराता चला गया। पुलिस की मौजूदगी ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि अब इलाके में कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस सख्त पुलिसिंग का परिणाम यह हुआ कि क्षेत्र में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। असामाजिक गतिविधियाँ लगभग समाप्ति की ओर हैं और कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग या तो क्षेत्र छोड़ चुके हैं या अपनी गतिविधियों पर रोक लगाने को मजबूर हुए हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि अब वे पहले की तुलना में खुद को कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं।
थाना प्रभारी हरकेश गाबा की कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि यदि पुलिस प्रशासन ईमानदारी, सक्रियता और जनसंपर्क के साथ काम करे, तो किसी भी क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। आज विवेक विहार थाना क्षेत्र शांति, सुरक्षा और भरोसे का प्रतीक बनता जा रहा है, जो निश्चित रूप से दिल्ली पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करता है।
